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पार्टी छोड़ने वाले असंतुष्ट नहीं थे, प्रलोभन में गए, सबके कामों की सूची हैः कमल नाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि उन्हें राजनीतिक का लंबा अनुभव है लेकिन सौदे और महत्वकांक्षा की राजनीति का नहीं था। इस कारण विधायकों पर भरोसा कर लिया और सरकार गिर गई। पार्टी छोड़कर जाने वाले असंतुष्ट नहीं थे, प्रलोभन में गए क्योंकि सबके काम होते थे। एक-एक विधायक की सूची है, किसने कितने काम कराए।
कमल नाथ ने यह बात रविवार को पत्रकारों से चर्चा में कही। उन्होंने कोरोना संक्रमण से मृत लोगों तथा फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर व इरफान खान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पत्रकारों को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 22 विधायक कांग्रेस छोड़कर गए, उसके बारे में हर आदमी समझ रहा है कि वे क्यों गए। उन्होंने कहा कि 15 महीने की सरकार में वे साढ़े बारह महीने ऑफिस में बैठकर गर्वनेंस में बदलाव के लिए काम करते रहे। टेलीविजन की सरकार और विजन की सरकार में अंतर है। उन्होंने कहा कि वे विजन के साथ काम कर रहे थे जिनमें से कुछ शुरू हुए थे और कुछ होना थे। किसान कर्ज माफी के दो चरण पूरे हो गए थे जिसमें से दूसरे चरण के आदेश कर दिए थे। दोनों चरणों में 27 लाख किसानों को लाभ मिला और जून में तीसरे चरण की शुरुआत होना थी जो अब शिवराज सरकार को करना होगी।
कमल नाथ ने कहा कि कोविड 19 की कार्रवाई में 28 जनवरी से शुरू कर दी थी। आज आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ नहीं किया गया था। जबकि भाजपा ने उस समय कोविंड का मजाक उड़ाया ता। 28 जनवरी कार्रवाई शुरू की थी। विधानसभा के सत्र की कार्रवाई 26 मार्च तक के लिए स्थगित किया और आईफा जैसे कार्यक्रम को निरस्त किया गया। जबकि भाजपा संसद चलाने व सरकार गिराने में लगी थी।
सवालः दो साल पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने और आज वही स्थिति दिखाई देती है। क्या वजह रही।
– जो 22 विधायक गए, वो यह बताएगे कि क्या किस प्रलोभन में गए। एक-एक विधायक की सूची मेंरे पास हैं कि उनके क्या क्या काम हुए। वे विधायक दुखी थे, यह मैं स्वीकार नहीं करता।
सवालः कोविड के लिए सरकार जो काम कर रही है, क्या कहीं चूक है। अगर आपकी सरकार होती तो ऐसे समय क्या करती।
– 23 मार्च को शिवराज जी ने कहा कि कोई टेस्टिंग नहीं हुई। जबकि पहला टेस्ट 19 मार्च को एम्स में हो चुका था। आज टेस्टिंग में देरी हो रही है। टेस्टिंग 10 दिन में हो रही है। सरकार यह घोषित करे कि वेटिंलेटर्स, पीपीई किट कितनी आई हैं। किन ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग हुई है, यह बताया जाए। टेस्टिंग को दबाया जा रहा है। गिने चुनी जगह टेस्टिंग हो रही है। व्यवस्थित टेस्टिंग नहीं हो रही है। हम सरकार में होते तो वेटिंलेट्र्स, पीपीई किट टेस्टिंग खरीदते। जगह जगह देते और टेस्टिंग कराते।
सवालः टेलिविजन नहीं विजन की सरकार है कहते हैं तो इतना अच्छा विजन होने के बाद भी सरकार। पीसीसी अध्यक्ष कौन होगा।
– पीसीसी अध्यक्ष की जैसे ही नियुक्ति हो जाएगी, पद त्याग देंगे। लोकसभा चुनाव के बाद ही मैंने पद त्याग देने की पेशकश की थी। राजनीति का अनुभव था। इस तरह के सौदे या महत्वकांक्षा का नहीं था। मेरे लिए यह अाश्रचर्यजनक था। मेरे से कई विधायकों ने बात की थी और बताया था।
सवालः पीसी शर्मा-सज्जन सिंह वर्मा ने कहा था कि कमल नाथ ही नेता प्रतिपक्ष होंगे।
– अभी विधानसभा नहीं है और यह कांग्रेस अध्यक्ष ही नेता प्रतिपक्ष तय करेंगी। अभी कोई इसकी चर्चा नहीं हुई है।
सवालः शिवराज ने आरोप लगाया कि फसल बीमा का पैसा नहीं दिया।
– यह बिलकुल गलत है। 2017-18 का पैसा शिवराज सरकार ने नहीं भरा था जो हमारी सरकार ने दिया। बोलने और गुमराह की राजनीति है। —-
सवालः क्या 22 सीटों पर कांग्रेस जीतेगी।
– पूरी उम्मीद है कि सरकार में वापस लौट आएंगे। आज मतदाता में जागरूकता है। समझ है। चुप रहते हैं और सब समझते हैं। महाराष्ट्र, झारखंड में देखा। 22 सीटों के मतदाता सब समझते हैं और वे जानते हैं किन कारणों से विधायकों ने छोड़ा।
सवालः 22 विधायक बंगलुरू चले गए और दिग्विजय सिंह ने इसके बाद भी बार-बार दावे किए कि कमल नाथ सरकार नहीं जाएगी। क्या विधायकों पर झूठा भरोसा
– दिग्विजय और मुझे विधायकों ने भरोसा दिलाया था लेकिन हमारा जजमेंट गलत था। वह भरोसा मेरा भी था। जैसा विधायकों पर मेरा भरोसा था वैसा ही दिग्विजय का था।
सवालः 15 सालों के बाद भाजपा की सरकार गई और उस समय टाइगर जिंदा है और उनकी सरकार वापस आ गई। आज कमल नाथ और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी वही विश्वास है।
– 24 सीटों पर उप चुनाव होगा तो इसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि मध्यप्रदेश की जनता क्या चाहती है। क्या आंकड़े हैं। 24 में से 20-22 जब हम जीतेंगे तो यह सरकार कैसे टिकेगी।
सवालः कोरोना की आहट आपकी सरकार के समय ही हो गई थी। तुलसीराम सिलावट थे और आपकी सरकार ने तब क्या प्रिक्योरमेंट किया था।
– डब्ल्यूएचओ ने 12 मार्च को महामारी घोषित किया ता लेकिन हम तो पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। सिलावट इसके बाद भी 10 मार्च को बंगलुरू चले गए। मगर उनके नहीं रहने पर भी सरकार ने मीटिंग की थी। लोकसभा चल रही थी लेकिन राजस्थान-छग विस स्थगित कर दी गई थीं। हमने कार्रवाई स्थगित कर दी थी लेकिन मजाक उड़ाया।
सवालः केवल प्रलोभन के कारण विधायक गए हैं या कहीं चूक भी हुई है। केवल सिंधिया ही नहीं है क्योंकि दूसरे भी गए हैं।
– ये भी जानते थे, इनमें से कई ने मेरे से बात की। ये कर्नाटक किसके प्लेन में गए, इस्तीफा कौन लाया। बीजेपी उनके पीछे लगी थी, ये असंतुष्ट नहीं थे। दो-तीन तो मेरे से मिले थे। वापस आए थे मेरे पास। इसका खुलासा
सवालः कहा जा रहा है कि आपके और दिग्विजय सिंह के बीच संबंध पहले जैसे नहीं रहे। क्या अब आप नई टीम बनाएंगे और कौन-कौन होगा उस टीम में।
– जो टीम है, उसी टीम पर मुझे भरोसा है। दिग्विजय सिंह से संबंध की बात है, आज भी उनसे वैसे ही संबंध हैं जैसे पहले रहे हैं। उप चुनाव को लेकर रोजाना जिले व ब्लॉक में लोगों से बात हो रही है। नई टीम बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सवालः नए बदलाव जोहुआ है, क्या बाबरिया काम नहीं कर पा रहे थे।
– बाबरियाजी अस्वस्थ थे और भोपाल में भी बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वासनिक जैसे अनुभवी को बनाया है।
सवालः अब भाजपा के कौन कौन से नेता संपर्क में हैं।




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