-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
पाकिस्तान मुम्बई आतंकी हमले की सुनवाई तेजी से करने पर सहमत।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बातचीत की अवरूद्ध प्रक्रिया फिर शुरू करने और मुम्बई आतंकी हमले की सुनवाई तेजी से करने का निर्णय किया है। रूस में उफा में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के मौके पर लगभग एक घंटे तक बातचीत में दोनों नेताओं ने दक्षिण एशिया से आतंकवाद का सफाया करने में सहयोग करने पर भी सहमति दी। दोनों नेताओं के बीच लगभग एक वर्ष के बाद हुई बातचीत में तमाम आपसी मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने मुम्बई हमले की सुनवाई तेजी से करने, आवाज के नमूने एक दूसरे को देने सहित अनेक उपायों पर सहमत हुए।
भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की नई दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें आतंकवाद से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक और पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक की बैठक होगी, जिसके बाद सैन्य संचालन महानिदेशकों की बैठक होगी। एक दूसरे की हिरासत में लिये गये मछुआरों और उनकी नौकाओं को 15 दिन में छोड़ने का निर्णय भी लिया गया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने शांति और विकास की सामूहिक जिम्मेदारी पर सहमति प्रकट की । इसके लिए वे सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हैं। संयुक्त वक्तव्य के अनुसार दोनों देशों ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने का तंत्र विकसित करने पर भी सहमति प्रकट की। भारत और पाकिस्तान ने हिरासत में लिये गये मछुआरों और उनकी नौकाओं को 15 दिन में छोड़ने का भी निर्णय लिया है। श्री जयशंकर ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016 में पाकिस्तान में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए श्री शरीफ का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच की दि्वपक्षीय वार्ता के बीच की सफलता के बारे में कई आशंकाए दर्शाई जा रही थीं। लेकिन इसके नतीजों ने विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित किया है। इससे दोनों देशों के बीच शांति और इस क्षेत्र में स्थिरता की नई आशा जगी है। दोनों पड़ोसी देशों द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्यों में आतंकवाद के प्रति भारत की चिंता को भी व्यक्त किया गया है, जबकि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिलने की भी संभावना जगी है। उफा में मिली ब्रिक्स और एससीओ शिखर परिषद ने शांति और विकास के बारे में भारत के दृष्टिकोण का भी पुरजोर समर्थन किया है।




Leave a Reply