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पाकिस्तान के नम्बरों के जरिए संदिग्ध लेन-देन करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
पाकिस्तान के विभिन्न फोन नम्बरों पर संपर्क कर बड़ी धनराशि के लेन-देन की जानकारी मिलने पर मध्यप्रदेश एटीएस एवं सतना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों सुनील सिंह, बलराम सिंह एवं शुभम मिश्रा के खिलाफ एटीएस द्वारा भारतीय दंड विधान की धारा 123 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की जांच की जा रही है। दो साल पहले भाजपा के एक नेता सहित कई लोगों को इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और इस मामले से जुड़े कुछ पाकिस्तानी नंबर वे ही हैं जिनका तब इस्तेमाल हुआ था।
एटीएस द्वारा किए जा रहे इस प्रकरण के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि इन पाकिस्तान के नम्बरों में वे नम्बर भी हैं जो पूर्व में 2017 में दर्ज मामले की जांच में सामने आए थे। इन नम्बरों से मिलें निर्देशों पर युद्ध की स्थिति में सामरिक दृष्टि से क्षति पहुंचाने और इसमें मदद करने वाली जानकारी एकत्रित की जा रही थी। जानकारी देने वालों को धनराशि बलराम और अन्य आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही थी। सुनील सिंह, बलराम सिंह, शुभम मिश्रा एवं इनके साथियों ने वर्तमान प्रकरण में भी संगठित होकर उन्हीं पाकिस्तानी एजेन्टों को बैंक अकाउण्टों तथा एटीएम कार्ड की जानकारियां तथा धनराशियॉ भेजी गई है, जो की पहले भी योजनाबद्ध तरीके से युद्ध की स्थिति में सामरिक जानकारियां एकत्रित कर रहे थे।
पुलिस को यह जानकारी लगी कि सुनील सिंह, बलराम सिंह, शुभम मिश्रा और उनके साथी पाकिस्तान के उन्हीं हैण्डलर से पुन: संपर्क में आकर काम कर रहे है, जो कि भारत के विरूद्ध पूर्व में काम कर रहे थे। सुनील सिंह, बलराम सिंह एवं शुभम मिश्रा पाकिस्तान के एजेंटों द्वारा जुटाई जा रही युद्ध के लिए सामरिक जानकारी के लिए एवज में दी जाने वाली धनराशि लोगों को झांसा देकर ठगी के जरिए फर्जी बैंक खातों में प्राप्त कर रहे थे। साथ ही इन एजेंटों के निर्देशों पर धनराशि को ठिकाने लगा रहे थे।
पुलिस का मानना है कि पूर्व की भांति ही वे ही पाकिस्तानी एजेंट इस राशि का उपयोग भी युद्ध की स्थिति में सामरिक दृष्टि से क्षति पहुंचाने व इनके द्वारा दी गई जानकारी भारत के विरूद्ध की जा सकती थी। इस ठगी से प्राप्त राशि का उपयोग युद्ध की स्थिति में सामरिक दृष्टि से क्षति पहुंचाने व इन्हें सुकर बनाने के लिये भारतीय दण्ड विधान की धारा 123 के अंतर्गत अपराध कृत्य होने से सुनील सिंह, बलराम सिंह एवं शुभम मिश्रा के विरूद्ध मध्यप्रदेश एटीएस द्वारा अपराध 22 अगस्त 2019 को पंजीबद्ध किया गया और सतना से गिरफ्तार किया गया। इस पूरी कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक सतना और पुलिस महानिरीक्षक रीवा का विशेष सहयोग रहा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में मध्यप्रदेश एटीएस द्वारा एक प्रकरण दर्ज कर बलराम, ध्रुव सक्सेना सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह पूरा गिरोह पाकिस्तान के हैंडलेरों के निर्देशों पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनमें धनराशि प्राप्त कर रहा था और उसे ठिकाने लगा रहा था। इस काम में अवैध टेलिफोन एक्सचेंज भी स्थापित किए गए थे। साथ ही पाकिस्तान हैंडलरों से इंटरनेट कॉलिंग के जरिए बातचीत होती थी। पाकिस्तान के हैंडलरों द्वारा 100 से अधिक कान्टेक्ट नम्बरों से संपर्क किया जा रहा था। ज्ञात रहे कि तब पकड़े गए धुव्र सक्सेना का संबंध भाजपा से सामने आया था।




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