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नेपाल में मरने वालों की संख्या तीन हजार आठ सौ से अधिक हुई। भारत में भूकंप में 72 लोगों की मौत।
भूकंप से तबाह नेपाल में राहतकर्मियों ने मकानों और भवनों के मलबे में जीवित फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। अनेक देशों से पहुंचे राहतकर्मी स्नीफर कुत्तों और अत्याधुनिक उपकरणों के जरिये इस काम में लगे हैं। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। भारत के राष्ट्रीय आपदा राहत बल के सात सौ से अधिक राहतकर्मी तैनात किये गये हैं।
इस शक्तिशाली भूकंप में तीन हजार आठ सौ से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। इसमें माउंट एवरेस्ट पर हुए हिमस्खलन में मारे गये 22 लोग शामिल नहीं हैं। आज काठमांडू में मृतकों का सामूहिक दाहसंस्कार किया गया। सैंकड़ों मृतकों का दाहसंस्कार खुले मैदान में हुआ। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रभाग ने बताया है कि छह हजार 830 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हजारों लोगों को खुले में लगाये गये अस्थायी प्लास्टिक के टेंट में रातें गुजारनी पड़ी हैं। उन्हें वर्षा का भी सामना करना पड़ा है।
इधर, भारत में भी मृतकों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया कि 56 लोगों की मृत्यु बिहार में, 12 की उत्तर प्रदेश में, तीन की पश्चिम बंगाल में और एक व्यक्ति की मृत्यु राजस्थान में हुई है। कम से कम 280 लोग घायल हुए हैं। बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में भूकंप के ताजा झटके महसूस किये गये हैं। इन्हें रिक्टर पैमान पर इसे पांच दशमलव एक मापा गया है।
भारत ने अभियान मैत्री के तहत व्यापक राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। राहत और बचाव कार्यों में समन्वय के लिए गृह, रक्षा और विदेश मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल भेजा गया है। यह दल नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर भी नजर रखेगा। इसके अलावा यह दल राहत और बचाव कार्यों में नेपाल सरकार के साथ तालमेल रखेगा। यह भारत सरकार को रिपोर्ट भी देगा ताकि और जरूरी सहायता भेजी जा सके।




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