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नेपाल में एक सप्ताह पहले आए विनाशकारी भूकम्प में मरने वालो की संख्या बढ़कर सात हजार से अधिक हुई।
नेपाल में एक सप्ताह पहले आये विनाशकारी भूकम्प से मरने वालों की संख्या सात हजार से अधिक हो गयी है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने सात हजार चालीस लोगों के मरने की पुष्टि की है जिनमें कम से कम 54 विदेशी नागरिक हैं। मंत्रालय ने कहा है कि 14 हजार से अधिक लोग घायल हैं और कई लापता हैं। कई देशों द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं क्योंकि मलबे में अभी की लोगों के दबे होने की आशंका है।
यूरोपीय संघ के नेपाल में प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि एक हजार यूरोपीय नागरिकों का अब तक पता नहीं है जो ट्रैकिंग के लिए पहुंचे हुए थे।
नेपाल में कल भूकम्प के और झटके महसूस किए गए। चार दशमलव पांच तीव्रता के एक अन्य झटके से कुछ स्थानों पर चट्टानें खिसक गईं जिसके कारण लोग खुले में रहने को मजबूर हैं। हमारे संवाददाता ने बताया है कि काठमांडू में दोलालघाट में भी चट्टानें खिसकने की खबर है।
भारतीय वायु सेना ने कांठमाडू और पोखरा में अपने दो गुट तैयार किए हैं। जहां से इनके हेलीकॉप्टर लगातार सूदूरवर्ती इलाकों में राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। भूकम्प से प्रभावित सूदूरवर्ती सभी जिलों में सेना के हेलीकॉप्टर, 160 मीट्रिक टन राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार द्वारा उपलब्ध कराई गई। 347 टन राहत सामग्री कांठमाडू पहुंच चुकी है। कांठमाडू घाटी में कई स्थानों पर बचाव का काम पूरा कर लिया गया है और स्थानीय प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है। एनडीआरएफ के राहत कर्मी बड़े पैमाने पर राजधानी कांठमाडू में राहत कार्य में जुटे हुए हैं। बिजली और संचार व्यवस्था बहाल होने से कांठमाडू में जनजीवन धीरे–धीरे सामान्य हो रहा है।




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