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नकली नोटो के कारोबार का आरोपी छत्तीसगढ से गिरफ्तार
करोड़ों की कीमत वाले जाली नोटों की छपाई कर देश के कई राज्यों में खपाने वाले को राजगढ़ की एक स्पेशल टीम ने छत्तीसगढ से गिरफ्तार किया है। आरोपी से लगभग 55 लाख रूपए के जाली नोट और बनाने की सामग्री भी पुलिस ने बरामद की है।
उल्लेखनीय है कि थाना जीरापुर क्षेत्र अंतर्गत 26.06.2021 को इंदर चौराहा जीरापुर से मुखबिर की सूचना पर एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था। जिनके कब्जे से एक लाख रुपए के जाली नोटों को जप्त किया जाकर आरोपीगणों के विरूद्ध थाना जीरापुर में अपराध क्रमांक 243/21 धारा 489(B), 489(C) भादवि. के तहत पंजीबद्ध किया गया था।
विवेचना के दौरान मामले में पूर्व से गिरफ्तार किए गए आरोपी शंकर एवं रामचंद्र से बारीकी से पूछताछ की गई थी। साथ ही माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने उपरांत आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य आरोपी कमल यादव को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ करने पर घटना के तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े होने के बारे में जानकारी मिली।
अवैध रूप से धन कमाने के लालच में राष्ट्रीय मुद्रा का कूट करण करने वालों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा ने जिला राजगढ़ से एक विशेष टीम को तैयार किया। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी खिलचीपुर सुश्री निशा रेड्डी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी जीरापुर श्री प्रकाश पटेल के नेतृत्व में गठित टीम के प्रभारी और उनकी टीम को विशेष दिशा निर्देश देकर आरोपी कमल के बताए अनुसार साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी सहायता के आधार पर टीम को अन्य आरोपी की तलाश में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भेजा गया। संदेही की पतारसी करते हुए टीम छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर भिलाई पहुंची। जहां भिलाई के थाना छावनी से पुलिस की मदद लेकर आरोपी विजय (परिवर्तित नाम) को घेराबंदी कर पकड़ा।
आरोपी विजय मूल रूप से इंदौर में निवास करता है जिसके पूर्व से ही कई अपराधिक प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित हैं। आरोपी पूर्व में वर्ष 2003 एवम 2017 में भी नकली नोट छापने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जिसके विरूद्ध थाना एमआईजी जिला इंदौर में अपराध क्रमांक 611/2017 धारा 489 -बी, 489-सी, 489-डी भादवि के तहत पंजीबद्ध है। जिसमें आरोपी फरार था। जिसकी तलाश इंदौर पुलिस को थी। पुलिस से बचते हुए आरोपी भिलाई नगर जा पहुंचा। जहां उसने नकली नोटों के कारोबार में अपना हाथ आजमाना शुरू किया। प्रारंभिक तौर पर उसने सोशल मीडिया का सहारा लेकर यूट्यूब पर नकली नोट बनाने एवं उन्हें छापने के बारे में कई वीडियो अपलोड कर लोगों को अपनी और आकर्षित किया। पहले आरोपी वीडियो ट्यूटोरियल देने और छापने की कला सिखाने के नाम पर उनसे एडवांस रुपए ले लेता और फिर उन्हें ब्लॉक कर देता था। बीते फरवरी माह से वर्तमान तक आरोपी करीब 50 लाख के नकली नोटों को छाप कर उन्हें दूसरे लोगों की सहायता से बाजार में चला चुका है। वर्तमान में दक्षिण भारत से एक क्लाइंट के द्वारा उसे बड़ा कंसाइनमेंट मिला था जिसके चलते आरोपी ने करीबन 50 लाख रूपये से अधिक के नकली नोट और छाप कर रखे थे। साथ ही एक करोड़ रूपये के नोट और छापने की डील भी कर रखी थी। आरोपी ने भिलाई की सरकारी कॉलोनी में एक कमरा किराए से ले रखा था, जहां से वह इस कार्य को अंजाम देता था।
आरोपी विजय (परिवर्तित नाम) को गिरफ्तार करने के उपरांत उसके बताए अनुसार उसके कमरे की तलाशी लेने पर वहां बड़ी मात्रा में पूर्व से छप चुके करीब करीब 54 लाख 37 हजार 200 रुपए के जाली नोट, पांच प्रिंटर, दो पेपर कटर, एक लैपटॉप, एक एलईडी मॉनिटर, एक सीपीयू, एक लेमीनेटर, नकली नोट बनाने की फ्रेम, वॉटरमार्क की फ्रेम, स्पेशल इंक के कार्ठरिज सहित कई अन्य उपकरण टीम ने बरामद किए हैं। आरोपी विजय (परिवर्तित नाम) से कई मामलों में पूछताछ की जा रही है।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी जीरापुर श्री प्रकाशचन्द पटेल, थाना प्रभारी माचलपुर उप निरीक्षक श्री जितेंद्र अजनारे, उप निरीक्षक श्री मंगल सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक श्री सुनील कुशवाह, आरक्षक श्री विष्णु जाट, श्री शिव सिंह दांगी, श्री आनंदी पाटीदार, साइबर सेल से सउनि सुश्री सरिता मिश्रा, आरक्षक श्री शशांक सिंह यादव,श्री पवन, श्री सुनील, श्री महेन्द्र एवं श्री पवन मीना का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।




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