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धन और बिजली में मुद्रास्फीति अप्रैल में सात दशमलव आठ-पांच प्रतिशत बढ़ गई
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति की दर इस वर्ष अप्रैल में बढ़कर तीन दशमलव एक–आठ प्रतिशत पर पहुंच गई। पेट्रोल, डीजल, फल और सब्जियों की कीमतें बढ़ने से ऐसा हुआ है। मुद्रास्फीति पिछले वर्ष मार्च में दो दशमलव चार–सात प्रतिशत और अप्रैल
में तीन दशमलव आठ–पांच प्रतिशत थी। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष अप्रैल में खाद्य सामग्री की कीमतें शून्य दशमलव आठ–सात प्रतिशत बढ़ी और सब्जियों के मूल्य शून्य दशमलव आठ–नौ प्रतिशत बढ़े।




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