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देशभर में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नए मापदंड
डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अप एमडी या एमएस में शिक्षक और छात्र अनुपात को एक:एक से बढ़ाकर एक:दो कर दिया है। यही नहीं फोरेंसिक मेडिसिन, अनेस्थिसियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, मेडिकल आंकोलॉजी और सर्जिकल आंकोलॉजी विषयों के लिए तो यह अनुपात एक:तीन कर दिया गया है।
यह जानकारी राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि देशभर में एमबीबीएस की 56638 और पीजी की 25346 सीटें हैं। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए डीएनबी योग्यता की फैकल्टी को मान्यता दे दी गई है। साथ ही एमबीबीएस में अधिकतम भर्ती क्षमता को भी 150 से बढ़ाकर 250 कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में शिक्षक, डीन, प्रिंसिपल, निदेशक की नियुक्ति, विस्तार व पुनर्नियुक्ति के लिए भी आयु सीमा को 65 से बढ़ाकर 70 साल कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में भी कई शर्तों भू मि, फैकल्टी, कर्मचारी, बिस्तर, बिस्तर संख्या और अवसंरचना में छूट दी गई है।




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