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देवास में पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मानव अधिकार आयोग ने मांगा प्रतिवेदन
देवास जिले में पुलिस हिरासत में मुकेश भाट की मौत के बाद बीते मंगलवार को मृतक के परिजनों ने मंदसौर जिले के शामगढ़ की मेलखेड़ा चैपाटी पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मध्य प्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के संज्ञान में इस मामले के आने के बाद डीजीपी और एसपी देवास से पूरी घटना का प्रतिवेदन मांगा गया है।
मालूम हो कि इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। परिजनों को दो लाख रूपये की सहायता राशि भी देने की मंजूरी दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि औद्योगिक थाना, देवास की पुलिस ने ईश्वर भाट को नकली घी व बीड़ी के साथ पकड़ा था। बाद में उसके साढ़ू मुकेश को भी पकड़ा। हिरासत में उसकी तबीयत बिगड़ी, तो उसे इलाज के लिये इंदौर अस्पताल भेज दिया गया। यहां मुकेश की मौत हो गयी। परिजनों ने एसपी देवास से थाना पुलिस पर मुकेश के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया। इस गंभीर मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश एवं पुलिस अधीक्षक, देवास से एक माह में बिंदुवार जवाब मांगा है। आयोग ने इन अधिकारियों से पूछा है कि यह प्रकरण न्यायिक जांच के लिये भेजा है या नहीं ? यदि नहीं भेजा है, तो तुरंत संबंधित जिला जज को भेजें। आयोग ने यह भी कहा है कि प्रकरण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों (मय पीएम रिपोर्ट) के अलावा सीसीटीव्ही कैमरा के फुटेज को संरक्षित कर उसे भी प्रतिवेदन के साथ ही भेजें।




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