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दिल्ली विधानसभा में आज जनलोकपाल विधेयक-2015 पेश किया गया।
दिल्ली विधानसभा में आज जनलोकपाल विधेयक-2015 पेश किया गया। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर काबू पाना है। विधेयक उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया। मुख्यमंत्री के कार्यालय को भी इसके दायरे में लाने का प्रावधान है। विधेयक में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और सुनवाई एक निश्चित समयसीमा में किए जाने का भी प्रावधान किया गया है।
यह लोकपाल तीन सदस्यीय होगा, जिनका चयन चार सदस्यीय समिति करेगी। जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष के नेता शामिल होंगे। शिकायतों के खिलाफ जांच छह महीने में पूरी करनी होगी। दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ दस साल तक की कारावास का प्रावधान है। जबकि कुछ मामलों यह सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को सुरक्षा प्रदान की जाएगी और झूठी शिकायत करने वाले को भी दंडित करने का विधेयक में प्रावधान है।
इस बीच, विधानसभा में पिछले सप्ताह भाजपा विधायक ओ पी शर्मा की आम आदमी पार्टी विधायक अल्का लाम्बा पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर आज भी शोरशराबा हुआ।




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