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टाइगर रिजर्व में एक और मौत: बांधवगढ़ के कोर जोन में जंगली हाथी शावक का शव मिला
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर एरिया के हरदी बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ 455 जंगली हाथी के फीमेल शावक की संदिग्ध मौत हो गई है. मृतक शावक के माथे पर चोट के निशान थे. यह पता नहीं चल पाया कि माथे पर चोट कैसे लगी ? पार्क प्रबंधन मौत के कारण जानने में जुट गया है.
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 2018 से 50 से अधिक जंगली हाथी विभिन्न झुंड में विचरण कर रहे हैं. हाथियों का एक झुंड सोन नदी और उसके आसपास इलाके में है. मृतक हाथी शावक इन्हीं झुंड में रह रही थी. इसकी उम्र 11 महीने की बताई जा रही है. हाथी चालक की मौत मंगलवार को हुई. मौत के बाद हाथियों के झुंड ने उसे को घेर लिया था यही वजह रही कि जंगली हाथी के झुंड को देखकर पार्क प्रबंधन के कर्मचारी उसके नजदीक नहीं जा सके थे. बुधवार को बांधवगढ़ नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर राजीव मिश्रा चिकित्सकों और अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. फील्ड डायरेक्टर मिश्रा ने बताया कि हाथी शावक के माथे पर चोट के निशान थे. मिश्रा ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट तौर पर तो पता नहीं चल पाया है पर लगता है कि गंभीर आंतरिक चोट की वजह से उसकी मौत हुई है. हालांकि बाहर से देखने पर चोट गंभीर नहीं लग रहे थे.
मां की ममता देख आंखे हुई नम
मृत जंगली हाथी शावक की मौत का कारण जानने पार्क की विशेषज्ञ टीम ने जैसे ही पीएम करना शुरू किया. उसी दौरान उसकी मां वहां पंहुच गई जो काफी आक्रोशित थी. किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर पार्क के अधिकारी और कर्मचारी अपने अपने वाहनों के साथ ही भागने लगे और लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर जानकर खड़े हो गए थे. इस दौरान हाथी मां ने अपने मृत शावक को कई बार सूंघा उसे लग रहा था कि उसको अभी उठकर उसके साथ चल देगा. लेकिन काफी देर बाद तक जब ऐसा नही हुआ तो वह समीप ही बह रहे नाले में जाकर पहले तो मिट्टी को उठाकर खूब शावक की ओर फेंका और पानी से नहाकर जंगल की ओर रवाना हो गई. हाथी मां का अपने शावक से बिछड़ने का यह दृश्य जिसने भी देखा उसकी आंखें भर आईं.




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