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झाबुआ एसपी अरविंद तिवारी के तबादले के बाद निलंबन, जानिये आदेश में क्या लिखा गया

मध्य प्रदेश के आदिवासी जिले झाबुआ में पुलिस अधीक्षक अरविंद तिवारी द्वारा पॉलीटेक्निक के छात्रों के साथ मोबाइल पर बातचीत में अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर उनका सुबह तबादला करने के बाद राज्य शासन ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है। पुलिस मुख्यालय की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर निलंबन आदेश जारी।
राज्य पुलिस सेवा से प्रमोशन पाने वाले अरविंद तिवारी को झाबुआ एसपी के रूप में 14 मई को पोस्टिंग मिली थी। दो साल पहले 28 सितंबर 2020 को ही आईपीएस अवार्ड हुआ है। तिवारी का पॉलीटेक्निक के छात्रों के साथ मोबाइल पर चर्चा का ऑडियो वायरल हुआ और यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाया गया। इस ऑडियो में तिवारी द्वारा छात्रों के साथ बेहतर खराब भाषा और अपशब्दों के साथ बात करते सुनाई दे रहे थे जिससे सीएम ने सुबह उन्हें वहां से हटाने के आदेश दे दिए थे।
पीएचक्यू से रिपोर्ट मांगी फिर हुआ निलंबन
ऑडियो को लेकर राज्य शासन ने सुबह पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट तलब की थी और दोपहर में यह रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई। इसके बाद आला अधिकारियों ने सीएम को उससे अवगत कराया। ऑडियो के आधार पर अरविंद तिवारी की छात्रों के साथ फोन पर चर्चा में उपयुक्त भाषा को आपत्तिजनक व पदीय कर्त्तव्यों के अनुकूल नहीं पाया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निलंबनकाल में उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय करने और निलंबनकाल के द्वारा जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने के आदेश जारी किए गए।
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