जश्न महोत्सव प्रदेश की जनता के साथ मजाक: कमलनाथ

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा द्वारा प्रदेश में 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक मनाये जा रहे मोदी जी के 21 दिवसीय ‘‘मेगा जन्म महोत्सव“ पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा में भी हर बार जश्न-उत्सव मनाने वाली, नियम कायदों को सिर्फ दूसरों के लिये लागू करने वाली भाजपा इस बार आपदा के संकट काल में मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस 21 दिवसीय ‘‘मेगा जन्म महोत्सव“ के रूप में मनाने जा रही है, जो कि बेहद शर्मनाक है? कहने को तो भाजपा इसे ‘‘सेवा-समर्पण“ का नाम दिखावटी तौर पर दे रही है लेकिन इन 21 दिवसीय जश्न-उत्सव शृंखला में भाजपा का प्रचार-प्रसार, मोदी जी का झूठा महिमा मंडन करने का काम जोर-शोर से किया जाएगा।

बड़ी शर्म की बात है कि इस जन्म महोत्सव के दौरान जनता को लगने वाली वैक्सीन को भी ‘‘नमो टीका’’ का नाम दिया गया है, आपदा में भी मोदी जी के व्यक्तित्व-कृतित्व पर प्रदेश भर में प्रदर्शनी लगायी जायेगी, मोदी जी के लिये पाठ किये जाएँगे, गरीब महिलाओं से राशन के लिये मोदी जी को धन्यवाद कहलवाया जायेगा?     नाथ ने कहा कि जिस प्रदेश में कोरोना से, जहरीली शराब से, बाढ़ से हजारों लोगों की हाल ही में मौतें हुई, आदिवासी वर्ग, दलित, पिछड़े, शोषित वर्ग के साथ उत्पीड़न व दमन की हाल ही में देश भर में निंदनीय घटनाएँ घटी, पूरा प्रदेश आज डेंगू व वायरल फीवर की चपेट में हो, प्रदेश के अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हो, एक-एक बेड पर तीन-तीन बच्चे भर्ती हो, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका सर पर हो, वहाँ भाजपा का 21 दिवसीय मेगा जन्म महोत्सव कार्यक्रम, जनता के साथ बड़ा मजाक है?     नाथ ने कहा कि वैसे तो जन्मदिवस के 2 दिन पूर्व ही केंद्र की मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार को एनसीआरबी की रिपोर्ट के रूप में तोहफा दिया है।इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश आदिवासियों पर उत्पीड़न के मामले में, मासूम बच्चों के साथ अपराध व दुष्कर्म के मामले में देश पर शीर्ष पर आया है,बच्चों के मामले में देश के सबसे सुरक्षित राज्य के रूप में सामने आया है, उसके बाद भी भाजपा प्रदेश में यह उत्सव मना रही है?  अभी बात की जाये तो मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में विगत दिनों बाढ़ आई थी।ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अभी तक लोगों को राहत नहीं मिल पाई है, आज भी लोग राशन के लिए, सुविधाओं व मुआवजे के लिए के लिए दर-दर भटक रहे हैं, आज भी कई गांव का आपस में संपर्क टूटा हुआ है, सैकड़ों पुल पुलिया इस बाढ़ में बह गए हैं, उसका निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, बाढ़ व रोजी-रोटी के अभाव में क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं और ऐसे समय भी भाजपा उत्सव मना रही है?बात करें तो हाल ही में प्रदेश के नेमावर, नीमच, खरगोन, बालाघाट और डबरा में आदिवासी वर्ग के साथ दमन व उत्पीड़न की देश भर में निंदनीय घटनाएं सामने आई है, इन घटनाओं पर प्रदेश देशभर में शर्मसार हुआ है और उसके बाद भी भाजपा यह जश्न मनाने जा रही है?       नाथ ने कहा की बात करें तो मोदी जी के 7 वर्ष के शासन काल में ऐसा कौन सा काम मोदी सरकार ने किया है, जिस का जश्न मनाया जा सके, जिसे सेवा व समर्पण के रूप में याद किया जा सके?आज देश में महंगाई चरम पर हैं, अच्छे दिन के पते नहीं हैं, तीन काले कानूनों के विरोध में देश के हजारों किसान भाई कई माह से सड़कों पर धरना दे रहे हैं, 600 से अधिक किसानों की अभी तक मौत हो चुकी है, पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस के दाम आसमान को छू रहे हैं, युवा हाथों में डिग्रियां लेकर बेरोजगार घूम रहे हैं, बहन-बेटियों के साथ सबसे ज्यादा दरिंदगी की घटनाएं घट रही है, आज हर वर्ग परेशान होकर सड़कों पर आंदोलन कर रहा है, कोरोना की दूसरी लहर में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन से हमने हजारों लोगों की मौतें होते देखी है, किस प्रकार बेड-इलाज-आॅक्सीजन व जीवन रक्षक दवाइयों के अभाव में हजारों लोगों की देश-प्रदेश में मौते हुई है, पूरे विश्व में भारत की किरकिरी हुई है, मुक्तिधाम लाशों के ढेर से भरे पड़े रहे, अंतिम संस्कार तक के लिए कतारें लगती रही, वैक्सीन का देशभर में संकट रहा, लोग वैक्सिंग के लिए दर दर भटकते रहे और सरकार वैक्सीन का व आॅक्सीजन का निर्यात करती रही,  अच्छे दिन-काला धन के वादे जुमले बन गए, इन सब बातों के बावजूद यह जश्न-उत्सव?नाथ ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में युवा रोजगार मांगते हैं तो उन्हें लाठियां मिलती है, चयनित शिक्षक बहने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को राखी बांधने आती है तो उन पर मुकदमे दर्ज होते हैं, बेरोजगारी दर आज उच्च स्तर पर है, कर्मचारी वर्ग को उनके एरियर, वेतन वृद्धि व डीए का लाभ नहीं मिल रहा है, किसान खाद यूरिया के लिए दर-दर भटक रहा है अपनी फसल बेचने के लिए परेशान है, गरीबों को सड़े हुए गेहूं व चावल का वितरण किया जाता है, क्या उस प्रदेश में इन हालातों में जश्न उचित है? प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनावी क्षेत्रों में जाकर रोज झूठी घोषणाएं कर रहे हैं, प्रदेश का खजाना खाली पड़ा है प्रदेश कर्ज के दलदल में धँसता जा रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए रोज हजारों करोड़ के झूठे नारियल फोड़ रहे हैं? प्रदेश में बिजली का संकट चरम पर है, कई-कई घंटो की अघोषित कटौती की जा रही है, कोयले का संकट है, भुगतान बाकी है और इन सब के बावजूद भाजपा जश्न मना रही है?भाजपा को तो मोदी जी का जन्मदिवस बेरोजगार दिवस, किसानों के लिए बर्बाद दिवस के रूप में मनाना चाहिए। भाजपा को जश्न-महोत्सव छोड़, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रदेश में आवश्यक तैयारियों की तरफ ध्यान देना चाहिये, प्रदेश में डेंगू, वायरल फीवर का प्रकोप चरम पर है, उससे निपटने के लिए ठोस कार्य योजना बनाना चाहिये, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों व मुआवजा राशि के वितरण का कार्य युद्ध स्तर पर करना चाहिये, प्रदेश से बिजली संकट को दूर कर किसानों को पर्याप्त बिजली देना चाहिये, पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले करों में कटौती कर जनता को राहत प्रदान करना चाहिये, किसानो का कर्ज माफ करना चाहिये, महिलाओं को समुचित सुरक्षा व सम्मान देने का काम करना चाहिये, आदिवासी, पिछड़े, दलित, शोषित व गरीब वर्ग पर हो रही दमन व उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने का काम करना चाहिये, अपराधों पर अंकुश लगाते हुए सभी तरह के माफियाओ पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करना चाहिये, आज इसकी आवश्यकता है, जश्न-उत्सव की नही।

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