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जनजातीय संग्रहालय के ‘लिखन्दरा दीर्घा’ में ‘शलाका 17’ प्रदर्शनी 30 तक
मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय के ‘लिखन्दरा दीर्घा’ में भील समुदाय के चित्रकार जाम्बु सिंगाड़ के चित्रों की प्रदर्शनी ‘शलाका 17’ का प्रदर्शन किया जा रहा है। लिखन्दरा पुस्तकालय के प्रदर्शनी दीर्घा में ‘शलाका 17’ की चित्रकला प्रदर्शनी 3 से 30 सितम्बर तक जारी रहेगी। चित्रकला प्रदशनी में प्रदर्शित चित्र विक्रय हेतु हैं जिन्हें चित्रकार से क्रय कर सकते हैं।
बातचीत में चित्रकार जाम्बु सिंगाड़ ने बताया कि उनके बनाए करीब 25 चित्रों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। जाम्बु पिछले 11 वर्षों से चित्रकारी कर रहे हैं । प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए चित्र लॉकडाउन में बनाये गये हैं। वहीं घर में रहते हुए बच्चे और परिवार के लोगों को चित्रकारी करना सिखाया। चित्रों में गल बापसी अनुष्ठान, महुआ एकत्रित करती युवतियां, इठलाता हिरण, बैल और किसान, बब्बर शेर और अन्य कई जीव-जन्तु, पर्यावरण, कथाओं को चित्रित किया है। ये सभी चित्र एक्रेलिक रंगों से बनाए गए हैं। कलाकार जाम्बु ने बंगलौर, दिल्ली, मुम्बई, भोपाल सहित देश में आयोजित अनेक महत्वपूर्ण चित्र प्रदर्शनियों, शिल्प एवं चित्र शिविरों में अपनी भागीदारी की है।
जाम्बु सिंगाड़ बचपन गाँव में बीता चित्रकला का कोई ख्याल भी उनके मस्तिष्क में नहीं रहा। घर में त्योहारों के समय माँ एवं परिवार की अन्य स्त्रियों को घर-आँगन को लीपते-सजाते देखकर मिट्टी और रंगों के प्रति रूचि बढ़ी। फिर गाँव में किसी के घर मनौती के पिठौरा का अंकन होने पर जैसे सबको न्योता आता है, वैसे जाम्बु भी पिठौरा देखने-सुनने जाने लगे और वहीं से बस रंगों-आकारों के प्रति एक गहरी उत्कंठा ने जन्म लिया। धीरे-धीरे घर की दीवारों पर ही माँ या बहन के साथ रंगों से कुछ आकृतियाँ बनाना शुरू किया।




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