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छात्रों ने भेदा व्यूह, पहेलियां सुलझाकर खेला गया चक्रव्यूह
मैनिट के तूर्यनाद में नुक्कड़ समूहों के प्रदर्सन और छात्रों ने पहेलियों के माध्यम से चक्रव्यूह को सुलझाया। कार्यक्रम का अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन में अंकिता की कविता के साथ समापन हुआ।
मैनिट परिसर में चार नुक्कड़ समूहों ने जोरदार प्रदर्शन किया। होलकर समूह इंदौर ने साइबर क्राइम का मुद्दा उजागर किया और ऐ से ऐनक मैनिट की टोली ने फरेबी खबर पर अपनी प्रस्तुति दी। आईआईएफएम ने अपना विषय रखा और एक्सीलेंस कॉलेज की टीम इंकलाब ने किया। इसके पश्चात एक्सीलेंस कॉलेज ने रोचक प्रस्तुति दी। प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया मैनिट के समूह ऐ से ऐनक ने और द्वितीय स्थान पर रहे एक्सीलेंस कॉलेज के टीम इंकलाब।
छात्रों ने भेदा व्यूह
प्रतिभागियों को 2-2 के समूह में बांटा और फिर 8 स्थानों पर जा जाकर समय सीमा में टास्क पूरे किए जिसने सर्वप्रथम सारी पहेलियां सुलझाई उनको पुरस्कार मिलेगा।अंकिता की कविता से अखिल भारतीय युवा कवि सम्मेलन के साथ तूर्यनाद’22 का समापन हुआ। एक्सीलेंस कॉलेज के प्रियम आर्य ने अपनी कविता “कांटों पर बैठी तितलियां अच्छी नहीं लगती” से कवि सम्मेलन की शाम को शुरू किया। वहीं “हम इस धरती का कर्ज चुकाएंगे” गज़ल सुनाकर चेतन सिखरवार ने समां बांधा। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से आकाश यादव ने अपनी कविता “दिल में जय हिन्द बसे मेरे धड़कन में हिंदुस्तान रहे” सुनाई और संचालक कवि
कार्तिकेय शुक्ला जी ने मंच का संचालन किया। पंकज पंडित ने वीर रस का प्रयोग किया और कवि ऋतुराज ने शृंगार रस से श्रोताओं को जोड़ कर रखा। ललितपुर से आए पंकज पंडित के सांस्कृतिक एवं वीर रस के अमृत से सुसज्जित तेवरों से सभी विद्यार्थी खुद को तालियाँ बजाने से रोक नही पाए। देश की भक्ति से लिप्त पंकज को चंद शब्दों में बाँधना किसी के लिए भी आसान नही है। अन्त में मौन ने मौन से जो कहा मौन ने सुन लिया कविता की प्रस्तुति के साथ अंकिता सिंह
ने कवि सम्मेलन का समापन किया एवं श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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