-
दुनिया
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
गोविंद गोयल की जन जागरण पदयात्रा, दिग्विजय-पीसी हुए शामिल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद गोयल ने महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर मिसरोद स्थित शनि मंदिर पर सुबह बजे पूजा अर्चना कर जनता को जागृत करने हेतु महात्मा गांधी के पद चिन्हों पर चलते हुए जन जागरण पदयात्रा प्रारंभ की । जाटखेड़ी, ढोलक बस्ती, बाग मुगालिया, बागसेवनिया, अमराई होते हुए दुर्गा मंदिर साकेत नगर पहुंचे, जहां पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भोजन ग्रहण किया गया।
तत्पश्चात फिर से यात्रा प्रारंभ कर दुर्गानगर, 11 नंबर, 10 नंबर, 7 नंबर, 6 नंबर होते हुए लिंक रोड पर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां पीसी शर्मा जी के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया गया, तत्पश्चात फिर यात्रा आगे बढ़ी एवं न्यू मार्केट, रोशनपुरा होते हुए लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शाम को करीब 7:15 मिनट गांधी जी की प्रतिमा मिंटो हॉल (पुरानी विधानसभा) पहुंची, जहां पर सभी ने मिलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण ओर पुष्प भेंट कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और करीब आधे घंटे तक गांधी जी का प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” का गायन किया गया।
यात्रा में रास्ते में पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी पूर्व मंत्री श्री पी.सी शर्मा जी भी शामिल हुए तथा 1 घंटे तक उन्होंने भी पद यात्रा में भाग लिया। यात्रा के दौरान रास्ते भर जनता में अपार हर्ष देखने को मिला और उन्होंने बढ़-चढ़कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा में क्षेत्र में विभिन्न कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में साथ में चलते रहे ।
गोविंद गोयल ने बताया कि जन जागरण पदयात्रा का मूल उद्देश्य महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों पर चलना एवं उनसे प्रेरणा लेना है । आज विश्व राष्ट्र पिता गांधी जी के अनुरूप अहिंसा का मार्ग अपनाता तो आतंकवाद नहीं फैलता और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारा बना रहता । देश में आजादी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने त्याग और बलिदान तथा दूर दृष्टि के कारण ही दिलवाई । अफ्रीका में पढ़े-लिखे प्रख्यात वकील होते हुए भी जब देश में आये तो देश की आम आदमी की हालत देखी, तन ढकने के लिए कपड़े भी नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपना सूट बूट उतार कर एक 7 मीटर का कपड़ा अपने पैर से ऊपर तक लपेट लिया और स्वयं चप्पल पहन कर निकल पड़े, उन्होंने देश के हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई, हरिजन, आदिवासी सबको एक किया, सभी में एकता की भावना जागृत की और सबके साथ मिलकर देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और देश को आजाद करवाया। उन्हीं की प्रेरणा से पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने भी ग्रामोद्योग गांव-गांव में स्थापित किये और संत विनोबा भावे ने सर्वोदय के माध्यम से भूदान यज्ञ चलाया । पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने स्वयं देश में बीएचईएल, सेल, गेल आदि बड़े-बड़े कारखाने सरकार द्वारा खुलवाये, जो आज बिकने की कगार पर है, इसलिए हम जन जागरण यात्रा के माध्यम से देश को एकजुट कर देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें आज आपसी वैमनस्य पैदा किया जा रहा है ।भारत सरकार की संपत्ति बेची जा रही है, इन सब को रोकने के लिए महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर देश को आगे बढ़ाने की लड़ाई एवं स्वदेशी अपनाओ विदेशी कंपनीयों जो हमारे देश में घुसपैठ है उसको रोकना होगा, जिसके द्वारा ही हमारा देश तरक्की कर सकेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों का उत्थान होगा एंव देश नए आयामों को छुयेगा तथा देश समृद्ध होगा एवं जनता भी खुशहाल होगी।




Leave a Reply