गुरुनानक देवजी की स्मृति में जबलपुर में बनेगा संग्रहालय और शोध संस्थान

श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर जबलपुर में 20 करोड़ रूपये की लागत से सिख संग्रहालय और शोध केन्द्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही, श्री गुरुनानक देवजी की यादों से जुड़े प्रदेश के छह प्रमुख सिख धर्म स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 12 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को भव्य स्वरूप और धूम-धाम से मनाने के लिए गठित समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ मंत्रालय में हुई बैठक में उपस्थित थीं। 

कमल नाथ ने श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को भव्य स्वरूप और धूम-धाम से मनाने के लिए गठित समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ मंत्रालय में हुई बैठक में उपस्थित थीं। 

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए गठित यह समिति स्थाई रूप से काम करेगी। हमारी मंशा है कि समिति सिर्फ प्रकाश पर्व के आयोजन मनाने तक सीमित न रहे बल्कि इसके बाद भी निरंतर सक्रियता से सिख समाज के बीच काम करती रहे। श्री कमल नाथ ने समिति के संयोजक एवं सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रदेश में निवासरत सिख समाज के लोगों से निरंतर सम्पर्क करें और उनकी समस्याओं तथा सुझावों से सरकार को अवगत कराएं। इसके आधार पर सरकार निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को शानदार और यादगार बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरुनानक देवजी की यादों से जुड़े मध्यप्रदेश में भोपाल स्थित टेकरी साहिब, इंदौर के इमली साहिब, बेटमा साहिब, ओंकारेश्वर स्थित गुरुद्वारा, उज्जैन का गुरुनानक घाट गुरुद्वारा एवं जबलपुर के ग्वारी घाट गुरुद्वारे में विकास कार्य एवं सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार 2-2 करोड़ रुपए देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरुनानक देवजी की यादों से जुड़े इन स्थलों को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कमल ने नाथ ने बताया कि श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर 12 नवम्बर को प्रदेश के प्रमुख शासकीय कार्यालयों में विद्युत सजावट और रोशनी की जाएगी। मंत्रालय और विधानसभा पर भी विद्युत सज्जा की जाएगी। प्रदेश के सभी गुरुद्वारों में विशेष साफ-सफाई के साथ सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे और गुरुद्वारों के पहुँच मार्गों को दुरुस्त किया जावेगा। प्रकाश पर्व पर  प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे और सेमिनार भी आयोजित होंगे। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में श्री गुरुनानक देवजी के नाम पर पीठ की स्थापना की जाएगी। श्री गुरु नानक देव जी की याद में खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। श्री कमल नाथ ने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है, सिख गुरुओं की यादों को चिरस्थायी बनाने के लिये और सिख समाज की बेहतरी के लिये हम कई कार्य करेंगे।

समिति के संयोजक श्री नरेन्द्र सिंह सलूजा ने बताया कि पिछली बैठक में प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को शानदार और यादगार तरीके से मनाने के लिए इस समिति का गठन किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि पंजाब के बाद मध्यप्रदेश में 550वाँ प्रकाश पर्व सबसे अधिक यादगार रूप में और धूम-धाम के साथ मनाया जाये।

बैठक में समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का इस बात के लिए आभार व्यक्त किया कि वे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने न केवल श्री गुरुनानक देवजी के प्रकाश पर्व को भव्य रूप से मनाने का‍निर्णय लिया बल्कि प्रदेशभर के सिख प्रतिनिधियों को बुलाकर सीधी चर्चा की। होशंगाबाद से आये जसपाल सिंह भाटिया ने मुख्यमंत्री गौ-संरक्षण प्रोजेक्ट के लिए इटारसी में गौ-शाला निर्माण के लिए अपनी एक एकड़ भूमि देने की घोषणा की। बैठक में बताया गया कि श्री गुरुनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित करते हुए इंदौर में शेरे पंजाब, सिखों के महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

बैठक में केन्द्रीय गुरुसिंह सभा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री गुरदीप सिंह भाटिया, सचिव केन्द्रीय गुरुसिंह सभा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ श्री सुरजीत सिंह टुटेजा, इंदौर गुरु सिख सभा के महासचिव सदस्य श्री जसबीर सिंह गांधी, उज्जैन श्री सुरिन्दर सिंह अरोरा, अध्यक्ष गुरुसिंह सभा भोपाल श्री परमवीर सिंह वजीर, अध्यक्ष गुरुसिंह सभा सागर श्री सतिंदर सिंह होरा, सदस्य जबलपुर श्री नरेन्द्र सिंह पांधे, अध्यक्ष गुरुद्वारा फूलबाग ग्वालियर श्री गुरुचरण सिंह आजमानी, सदस्य खरगोन श्री मंजीत सिंह चावला, सदस्य होशंगाबाद श्री जसपाल भाटिया, सदस्य रीवा श्री गुरमीर सिंह मंगू ,सदस्य श्री दिलीप राजपाल, सचिव मढ़ाताल गुरुद्वारा जबलपुर श्री गुरुदेव सिंह रील, श्री तेजपाल सिंह पाली भोपाल एवं श्री संतोष सिंह सोहल ग्वालियर ने बैठक में अपने सुझाव रखे और मुख्यमंत्री जी के इन ऐतिहासिक निर्णयों के लिये आभार माना।

मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव अध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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