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गर्भवती दलित महिला को न्याय दिलाकर रहूंगा: प्रदीप अहिरवार
मप्र अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य प्रदीप अहिरवार ने सर्किट हाउस छतरपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बंदरगढ़ में गर्भवती दलित महिला के साथ जो घटना घटी वह मप्र में शर्मसार कर देने वाली घटना है। दबंगों के द्वारा एक दलित गर्भवती महिला को उसके घर में ही मारपीट की गई एवं महिला के कथन अनुसार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला को थाने में आठ से 10 घंटे तक बैठाए रखा एवं पुलिस के द्वारा दलित महिला को धमकाया गया और अपराधियों को पुलिस का पूरा संरक्षण रहा।
आयोग के सदस्य ने इस घटना के संबंध में कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और डीजीपी को पत्र लिखकर पूरी घटना की निष्पक्ष जांच अन्य जिले के पुलिस कप्तान के द्वारा कराई जाएगी। दोषी पुलिस कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आयोग के सदस्य आज सर्किट हाउस में पीडित परिवार के लोगों से मिले और पूरी जानकारी एकत्रित की। छतरपुर के अपर कलेक्टर ने भी आयोग के सदस्य से मुलाकात की जबकि छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और पुलिस कप्तान सचिन शर्मा दौरे पर होने के कारण उनसे नहीं मिले। पत्रकारों के सवालों का जबाव देते हुए प्रदीप अहिरवार ने कहा है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ और पुलिस के द्वारा जो कार्यवाही की गई है उसमें बहुत अंतर है। पुलिस ने दबाव में 164 के बयान कराए हैं जबकि महिला को स्वतत्र बयान कराना चाहिए लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। पुलिस अभिरक्षा में पूरे परिवार को बंद रखा और लगातार धमकाया गया। आयोग के सदस्य ने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि यह घटना बहुत ही दर्दनाक है एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा जो कार्यवाही की गई है वह उससे ही कहीं अधिक अशोभनीय है। गरीब तपके के लोगों को गांव के दबंगों के द्वारा काम न करने पर प्रताडि़त करना यह कानूनी अपराध है और उसके बाद घर में जाकर मारपीट कर दुष्कर्म जैसे कृत्य करना जिस पर पुलिस पर्दा डाल रही है आखिरकार पुलिस ने अभी तक महिला की मेडिकल टेस्ट क्यों नहीं कराया और महिला को सुरक्षा प्रदान क्यों नहीं की। पीडि़त परिवार के सदस्यों ने भी पत्रकारों से अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि गांव के दबंग हम लोगों की जान कभी भी ले सकते हैं हमें पुलिस की सुरक्षा की जरूरत है तथा जिन लोगों ने भीयह अपराध किया है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होना चाहिए। इस अवसर पर जिला अजाक्स संध के अध्यक्ष केेडी अहिरवार, सदस्य मौजूद थे। दलित संगठन के सदस्यों ने कहा कि यदि दलित महिला को न्याय नहीं मिला तो आने वाले समय में एक विशाल आंदोलन किया जाएगा।




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