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खुले आम बिक रहीं है एक्सपायरी डेट की दवायें
जीवन मांगने मांगने वालों को मौत देने वाले अस्पताल और मेडिकल स्टोस के कारनामे आये दिन सामने आ रहे हैं इसी क्रम में शहर के एक मेडिकल स्टोर ने आपरेशन की टेबिल पर पडे मरीज हेतु एक्सपायरी डेट की दवायें देकर न केवल उसकी जान के साथ खिलवाड किया बल्कि नसिंग होम के स्टाफ और चिकित्सक ने दवाइयों को बिना चैक किये ही उपयोग करके जानलेवा लापरवाही बरती। मरीज के तामीरदार ने इस संबंध में न केवल विभागीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है बल्कि भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं के तहत सिविल लाइन थाने में भी प्राथमिकी दी है।
छतरपुर शहर के विश्वनाथ कालोनी निवासी राजीव निगम ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी, ड्रग इंसपेक्टर, निदेशक खाद्य एवं औषधि, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, मुख्यमंत्री सहित सिविल लाइन थाने में नगर के पाश इलाके लोकनाथपुरम् में संचालित डा. एनपीएन खरे नसिंग होम में संचालित पवन मेडिकल स्टोर व्दारा खुलेआम एक्सपायरी डेट की दवायें बेचने तथा आपत्ति करने पर अभद्रता करने की घटना का उल्लेख करते हुए तत्काल दोषियों के विरुध्द दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। इस हेतु श्री निगम ने मेडिकल स्टोर की रसीद क्रमांक पी 1524 के तीन पेज संलगन किये है जिसमें 33 दवाइयों में से 8 दवायें एक्सपायरी डेट की हैं। कुछ दवाइयों की एक्सपायरी डेट तो जून 2019 की भी हैं।
आपरेशन के बाद जब तक श्री निगम का मरीज नसिंग होम में भर्ती रहा तब तक वह खामोश रहे ताकि सत्य की आवाज उठाने के एवज में मरीज पर प्रतिकूल प्रभाव न पडे और जैसे ही मरीज को डिस्टार्ज किया गया तो वह अन्याय के विरुध्द आवाज उठाने के लिए खडे हो गये। पीडित ने बताया कि हम तो पढे लिखे हैं। सो हमने दवाइयों तथा रसीद को पढ लिया और देश का जागरूक नागरिक होने के कारण इस तरह की मनमानी और तानाशाही के विरुध्द मोर्चा खोल दिया है। परन्तु गांव-देहात के हजारों मरीज अनपढ और जानकारी के अभाव में ऐसी ही स्थितियों के शिकार हो रहे होंगे। चिकित्सक को दूसरा भगवान माना जाता है परन्तु अब तो वहां खुले आम पैसों के शोषण की कहानियां लिखीं जा रहीं हैं।
देश के महानगरों की तर्ज पर शहर में भी दवा माफियों को गिरोह की सक्रियता बढी जा रही है। कुछ समय पहले बम्हौरी के एक मरीज की हालत एक्सपायरी डेट की दवाओं के सेवन से बिगड गई थी जिसे आनन फानन में झांसी के लिए रेफर कर दिया गया था। उस समय भी काफी हो हल्ला मचा था परन्तु चिकित्सा जगत और दवा जगत के माफियों ने उस आवाज को दबा दिया था और मामले की लीपापोती कर ली थी। इस बार श्री निगम व्दारा उच्चस्तर पर संपर्क करने और मनमानियों के विरुध्द मोर्चा खोलने की घोषणा करने से उत्तरदायी लोगों के विरुध्द कार्यवाही की उम्मीद जागी है।




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