कोविड से हुई मृत्यु के आंकड़ों पर सरकार भ्रमित कर जनता को झूठ परोस रही: कांग्रेस

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने एकजुटता का परिचय देते हुए पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति के नेतृत्व में आज भोपाल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अपराध शाखा, के समक्ष एक संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन देकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर कोविड से हुई मृत्यु के आंकड़े आमजन से छुपाने, प्रदेश वासियों को भ्रमित करने एवं जनता को झूठ परोसने जैसे कृत के खिलाफ भादवि की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

उपरोक्त विभिन्न कारणों से शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराने पहुंचे नेताओं में एन पी प्रजापति के अलावा एम पी कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो, पूर्व मंत्री पी सी शर्मा, विधायक आरिफ मसूद, विधायक कुणाल चौधरी तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता जे पी धनोपिया, राजीव सिंह, विभा पटेल तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस जन मौजजूद थे। कांग्रेस के प्रजापति ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चैहान के उपेक्षापूर्ण व्यवहार और उनके इशारे पर अधिकारीयों द्वारा कोरोना पीड़ितों एवं मृतकों की संख्या को छुपाया गया है। प्रजापति ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने टेस्टिंग कम करके कोरोना मरीज़ों और कोरोना से होने वाले मृत्यु दर को छुपाने का प्रयास किया है। पूर्व मंत्री जीतू पटरी ने आरोप लगाया कि जब कमलनाथ ने जनता के सामने मौतों का सही आंकड़ा पेश किया तो सरकार बोखला गई और बदले की भावना से उनके ऊपर झूठे केस किये गए। पटवारी ने कहा कि सरकार ने यह कहते हुए कमलनाथ पर एफ आई आर किया कि उन्हों ने इंडियन वेरिएंट शब्द का प्रयोग करके देश का नाम बदनाम किया है, जबकि पटवारी ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि देश की सरकार ने 9 मई को सुप्रीम कोर्ट में इंडियन डबल वेरिएंट शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्हों ने कहा कि पूरी दुनिया के सभी मीडिया ने इस शब्द का प्रयोग किया। लेकिन कमलनाथ ने केवल चिंता ज़ाहिर किया कि भारत का नाम बदनाम हो रहा है, जो शिवराज सिंह को अच्छा नहीं लगा और एफ आई आर कर दिया। पूर्व मंत्री पी सी शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया की ऑक्सीजन, बिस्तर, इंजेक्शन और वेंटीलेटर की कमी से भी कई लोगों की जानें चली गई हैं। प्रजापति ने शमशान एवं कब्रिस्तान से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कहा भदभदा विश्रामघाट में 2402, सुभाष नगर विश्रामघाट मं 1222, बैरगढ़ विश्रामघाट में 68, झदा कब्रिस्तान में 352 एवं बड़ा बाग़ कब्रिस्तान में 550 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ है। अकेले भोपाल में मृत्यु के आंकड़े 4394 हैं, जबकि शासकीय आंकड़े के अनुसार भोपाल में सरकार केवल 895 मृत्यु बता रही है। पूरे प्रदेश में सरकार द्वारा मौतों का आंकड़ा लगभग 7394 बताया जारहा है। जबकि केवल भोपाल शहर में कोविड एवं नाॅन कोविड से 7000 लोगों की मृत्यु हुई है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि समाचारपत्रों, सोशल मीडिया एवं वैज्ञानिकों द्वारा आने वाले दिनों में भयावह स्थिति की बराबर चेतावनी देने के बावजूद मुख्यमंत्री ने प्रयाप्त व्यवस्था नहीं की। उन्हों ने कहा कि मृत्यु के आंकड़े को छुपाया गया है, उदाहरण के तौर पर 23 मई के समाचार पत्र देख लें सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोविड से शनिवार को 04 मौतें होना बताया गया है, जबकि विश्रामघटों और कब्रिस्तानों में कोविड प्रोटोकाल के तहत 54 व्यक्तियों की क्रियांए की गई थीं। प्रजापति ने आरोप लगाया कि आज भी भोपाल ब्लैक फंगस के सैंकड़ों मरीज़ दवा और इंजेक्शन के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं और कई लोगों की तो मृत्यु हो चुकी है जिसके लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान जिम्मेदार हैं। मृत्यु का आकड़ा छुपाने, दूसरी लहर के प्रति पिछले एक साल तक लापरवाही बरतने, जनता के सामने झूठ परोसने जिससे पूरे प्रदेश की जनता भ्रमित होती रही और हज़ारों की संख्या में कोविड से लोगों की मृत्यु का कारण बनीं इन सभी कारणों के लिए मुख्यमंत्री दोषी हैं इसलिए इन पर भादवि की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए तथा कमलनाथ के खिलाफ दायर किये गए झूठे केस को वापस लिया जाए। 

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