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कोरोना योद्धा आशा कार्यकर्ताओं को जेल भेजा
स्वास्थ्य के क्षेत्र में अति महत्वपूर्ण काम कर रही आशा एवं सहयोगियों के शोषण के खिलाफ,जीने लायक वेतन की मांग को लेकर आशा ऊषा आशा सहयोगी के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पिछले एक माह से जारी है। इस दौरान आशा एवं सहयोगियों ने बड़ी संख्या में जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करते हुये कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे।
आशा एवं सहयोगियों ने वैक्सीन के लिये चले महाअभियान के दिन सीहोर जिले के पिपलानी से लौट रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रायसेन में आये प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी तथा मंदसौर में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा को ज्ञापन सौंपे तथा मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों से कहा कि कोरोना महामारी से मुकाबला करने के साथ ही तमाम महत्वपूर्ण अभियानों को पूरा करने वाली आशाओं को केवल 2000 रुपये वेतन मिल रहा है, इसका भी आधा हिस्सा विभाग के अभियानों में खर्च हो जाता है जो इस भीषण महंगाई में आशायें कैसे परिवार चलायें? मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तथा वित्तमंत्री ने ज्ञापन लेते समय कहा कि हम मांगों का निराकरण करते हुये गतिरोध को समाप्त करने हेतु कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
लेकिन तब भी कोई समाधान नहीं निकला तो आशा-ऊषा-आशा सहयोगी एकता यूनियन म.प्र. (सीटू) तथा आशा-ऊषा और आशा सहयोगी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में आज भोपाल पहुँच अपनी मांगों के निराकरण के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर बैठ गई। उनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह से हमारी बातचीत कराने हेतु प्रतिनिधि मंडल ले जाया जावे। लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर बात करने के बजाय पुलिस दमन के जरिये आशाओं एवं सहयोगिनियों की आवाज बंद करने का रिास्ता चुना। मुख्यमंत्री के इशारे पर आशा-ऊषा-आशा सहयोगी एकता यूनियन म.प्र. (सीटू) के प्रदेश अध्यक्ष ए. टी. पद्मनाभन, आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव सहित 30 से अधिक नेत्रियों को गिरफ्तार कर न सिर्फ नई जेल पहुंचा दिया बल्कि धरने पर रह गई हजारों महिलाओं को चारों ओर से घेरकर खुली जेल में बंद कर लिया। सीटू प्रदेश महासचिव प्रमोद प्रधान ने पुलिस शिवराज सरकार के इस कदम की घोर निन्दा करते हुए कहा है कि सरकार को दमन का रास्ता छोड़ इन असली कोरोना योद्धाओं की जीने लायक वेतन, सुरक्षा, सुरक्षा उपकरण सहित तमाम जायज मांगों को मान प्रदेश के कोरोना के खिलाफ युद्ध को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आशाओं पर दमन के खिलाफ पूरे प्रदेश के मजदूर कर्मचारी संगठन आशाओं के साथ रहेंगे।
विरोध कार्यवाही
आशा-ऊषा-आशा सहयोगी एकता यूनियन म.प्र. (सीटू) के अध्यक्ष ए. टी. पद्मनाभन एवं आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी कौरव ने जेल परिसर से विज्ञप्ति जारी कर सरकार की इस दमनकारी नीति की निन्दा करते हुए कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। दोनों यूनियनों ने घोषणा की कि आज भोपाल में किये गये दमन के खिलाफ 25 जून 2021 को पूरे प्रदेश में आशायें तथा सहयोगिनियां व्यापक विरोध कार्यवाहियों के साथ सरकार के पुतले भी जलायेंगी। विज्ञप्ति में दोनों यूनियनों की ओर से कहा है कि सरकार से मिलीभगत रखने वाले कुछ संगठन आंदोलन समाप्ति संबंधी भा्रमक प्रचार कर रहे हैं इसलिए हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारी हड़ताल तब तक चलेगी जब तक सरकार बातचीत कर कोई रास्ता नहीं निकालती।




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