कोरोना को हराकर मध्यप्रदेश को मॉडल बनाएं

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी मिलकर ऐसे प्रयास करें कि कोरोना को हराकर हम मध्यप्रदेश को भारत में मॉडल बनाएं। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसेस में निरंतर कमी आ रही है। अब हमें पूरी सावधानी एवं सतर्कता बरतते हुए इस प्रकार कार्य करना है, जिससे हम प्रदेश में कोरोना पर पूर्ण नियंत्रण पा सकें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी श्री विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला उपस्थित थे।

रात हो या दिन, कहीं भी भीड़ न लगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि सभी जिलों में इस बात की पूरी सतर्कता रखी जाए कि चाहे रात हो या दिन, कहीं भी लोग इकट्ठे न हो, कहीं भी भीड़ न लगे।पूरी संवेदना से करें मजदूरों को वापस लाने का कार्य

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि दूसरे प्रदेशों में फंसे हमारे मजदूरों को प्रदेश लाने का काम पूरी संवेदना के साथ किया जाए। उन्हें वापस लौटने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि मजदूरों को लाने के लिए ट्रेनों की व्यवस्था की गई है, परंतु जो स्थान अधिक दूर नहीं है वहां से बसों के माध्यम से भी मजदूरों को लाया जा सकता है।अनावश्यक प्रतिबंध न लगाएं

मुख्य सचिव श्री बैंस ने निर्देश दिए कि ग्रीन जोन एवं ऑरेंज जोन क्षेत्रों में अनावश्यक प्रतिबंध न लगाए जाएं। हमें अर्थव्यवस्था को पुनर्स्थापित भी करना है। 

अब एक्टिव कैसेस 1792

एसीएस हेल्थ ने बताया कि 8 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसेज में 35 की कमी आई है, अब एक्टिव कैसेस संख्या 1792 हो गई है। प्रदेश में कुल 118 कोरोना मरीज़ स्वस्थ होकर घर गए हैं और 90 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।

जो ठीक हो जाए, उन्हें भी 14 दिन क्वॉरेंटाइन में रखा जाए

एसीएस हेल्थ ने कहा कि जो मरीज कोरोना से स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं, उन्हें भी 14 दिन क्वॉरेंटाइन में रखा जाना आवश्यक है। ऐसा न करने पर पुनः संक्रमण का खतरा हो सकता है। घर में क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था यदि नहीं है, तो संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाए।आज तीन वार्ड ग्रीन जोन में

भोपाल जिले की समीक्षा में कलेक्टर ने बताया कि भोपाल की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। भोपाल में 354 मरीज स्वस्थ होकर घर वापस चले गए हैं। आज 3 वार्ड ग्रीन जोन में बदल गए हैं। धीरे-धीरे पूरा शहर ग्रीन जोन में तब्दील हो जाएगा।एमडब्ल्यू के प्रयोग के अच्छे परिणाम

एम्स भोपाल के डायरेक्टर ने बताया कि कोरना के इलाज में माइक्रोबैक्टेरियम डब्लू दवा के प्रयोग के अच्छे परिणाम आए हैं। शीघ्र ही जापान में प्रयोग की जा रही फेवीपायरेविर दवा का भी उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसमें राज्य सरकार पूरी मदद करेगी।

57 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के विषय में बताया गया कि प्रदेश में अभी तक 9 लाख 55 हज़ार किसानों से 57 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। इसमें से 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन किया जा चुका है तथा 6 लाख किसानो को 5500 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है।

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