किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने वाला प्रदेश बन गया है मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली के पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश अब किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने वाला प्रदेश बन गया है। यहाँ किसानों के लिये विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं। वर्तमान में किसान समृद्धि योजना में किसानों को गेहूँ के विक्रय पर 265 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि तथा चना, मसूर और सरसों के विक्रय पर 100 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जा रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना में अब तक 8 लाख आवास बनाये जा चुके हैं और वर्ष के अंत तक 15 लाख आवास बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री की पत्रकारों से चर्चा के मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा और आयुक्त जनसंपर्क श्री पी. नरहरि भी मौजूद थे।

श्री चौहान ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश आज विकास और जनकल्याण के कार्यों में देश-दुनिया का अग्रणी राज्य है। यहॉ कृषि, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा सड़क, बिजली, सिंचाई, और किसान कल्याण सहित सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुआ है। गरीबी हटाने के लिये गरीबों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अन्य जरूरी सुविधाएं देने का काम भी किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है। प्रदेश में गरीबों के नि:शुल्क इलाज के लिये योजना चलाई जा रही हैं। गरीबी दूर करने के लिये रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। प्रदेश में अब शिक्षकों का एक ही कैडर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी चुनाव चेहरों से नहीं, परफार्मेंस से जीता जाता है। चुनाव में विकास ही हमारा एजेण्डा रहेगा। प्रदेश में हम ने अनेक नवाचार किये हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय स्वशासी सरकारों सहित शिक्षकों के पदों में 50 प्रतिशत और अन्य सभी शासकीय सेवाओं में 33 प्रतिशत (वन विभाग को छोड़कर) आरक्षण की व्यवस्था की गई है। बेटियों को परिवार बोझ नहीं माने, उनकी शिक्षा की उचित सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रदेश में वर्ष 2006 में ही लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किसानों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया जाता है। प्राकृतिक आपदा के समय किसानों की भरपूर मदद की जाती है। भावांतर योजना जैसे राहत के अनेक प्रभावी तरीकों से फसलों की क्षतिपूर्ति भी की जाती है। क्षति का आंकलन 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के मान से किया जाता है। राज्य में कानून बनाकर गरीब व्यक्ति को रहने की जमीन का मालिक बनाया गया है। गरीब प्रतिभाओं को प्रगति के अवसर मिलें, धन का अभाव प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बने, इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना शुरु की गयी है, जिसमें मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस का राज्य सरकार भुगतान करती है।

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