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मध्यप्रदेश कांग्रेस के कृषि और किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष केदार सिरोही ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रही है। किसान है परेशान. मध्य प्रदेश की सरकार नहीं सुन रही. उनकी बात कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को मार्च 2021 ग्रीष्मकालीन बीज खाद कल्चर जो किसानों को उपलब्ध कराया. उसका उसका सब्सिडी के पैसे एवं जीन एवं जीन बीज संस्थाओं ने मूंग एवं उड़द का एवं अन्य बीज संस्थाओं ने कृषि कल्याण विभाग को जो बीज उपलब्ध कराया उन खाद बीज की राशि संस्थाओं को 6 महीने होने पर उन्हें राशि का आज तक आवंटन नहीं हुआ. बीज संस्थाएं उनसे जुड़े किसान सब परेशान हो रहे हैं जैसे एनएससी नाफेड बीज निगम एवं ग्रामीण सहकारी संस्थाएं उनसे जुड़े किसान परेशान है क्यों कि उनका आज तक बीज का कोई भुगतान नहीं हुआ. कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई.
शासन प्रशासन कोई चिंता करने को तैयार नहीं है सारी संस्थाएं परेशान हो रही है सारे किसान परेशान हो रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है अगर 6 से 7 महीने तक राशि नहीं मिलती तो वह संस्थाएं कैसे चलेगी व संस्थाएं बहुत परेशानी से गुजर रही हैं और संस्थाएं धीरे-धीरे सब बंद हो जाएगी क्योंकि 6 से 7 महीने का ब्याज बैंक का कितना होता है और जो बीज उत्पादक संस्थाएं हैं उनके साथ जुड़े किसान भी परेशान होते हैं और इसमें फिर बड़ी कंपनियां आ जाएगी ऐसा लगता है कि सरकार की मंशा किसानों एवं छोटी संस्थाओं को खत्म करना चाह रही है ऐसा प्रतीत होता है कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को यह तय करना चाहिए कि जो बीज उपलब्ध कराया जाता है उन्हें हम 1 महीने में या 2 महीने में निश्चित उनका भुगतान किया जाए और यह भी सरकार को समझना पड़ेगा की जैसे जैसे मई-जून में सोयाबीन 8000 से ₹8500 मंडी में बिक रही थी सरकार ने सोयाबीन बीज के जो रेट निर्धारित किए वह 7500 थे ऐसे में बीज उत्पादक संस्थाएं सरकार को कैसे बीज उपलब्ध कराएगी इसलिए बीज के भाव में वृद्धि की जाए।




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