किल कोरोना अभियान में विभागों, सामाजिक संगठन और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी जिलों में चल रहे  किल कोरोना अभियान में अन्य विभागों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश में कोरोना नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी उपस्थित थे।

‘किल कोरोना अभियान’-अपडेटएक जुलाई से प्रदेश में शुरू हुए किल कोरोना अभियान के अंतर्गत 10 हजार 664 सर्वे दल कार्य कर रहे हैं।अभियान अंतर्गत अभ्री तक 24 लाख 60 हजार घरों का सर्वेक्षण हो चुका है। इसमें कुल 1 करोड़ 23 लाख आबादी कवर हुई है।सर्वे में कोरोना लक्षण के 11 हजार 87 संदिग्ध रोगी सामने आए हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। सर्वे में अन्य रोग के लक्षण वाले रोगी भी मिले हैं। उनका भी उपचार किया जा रहा है।प्रदेश का कोरोना रिकवरी रेट 77.3 है। यह देश के सर्वश्रेष्ठ रिकवरी वाले प्रांतों में दूसरे क्रम पर है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में मध्यप्रदेश में कोरोना के संक्रमण की रफ्तार को रोकने में मिल रही सफलता के बाद भी प्रयासों में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। प्रदेश में एक जुलाई से प्रारंभ राज्य स्तरीय किल कोरोना अभियान में स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग की सक्रिय भूमिका है। लेकिन इसके साथ ही यह जन-जन का अभियान भी है। अन्य सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और समुदाय की भागीदारी इस अभियान में होना चाहिए। इसके लिए जिला कलेक्टर आवश्यक प्रयास करें। जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से परामर्श कर अभियान को गति दी जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़ने और ग्रोथ रेट कम होने की स्थिति संतोष का विषय नहीं होना चाहिए। प्रयास यह होना चाहिए कि कोरोना वायरस पर पूरी तरह नियंत्रण हो जाए। प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहें। कहीं पॉजीटिव प्रकरण आते हैं तो फर्स्ट कांटेक्ट की ट्रेसिंग पूरी दक्षता के साथ शत-प्रतिशत की जाए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में रोग की स्थिति को देखते हुए प्रयास बढ़ाने की बात कही। बैठक में भिंड एवं ग्वालियर जिलों की अलग से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भिंड जिले की समीक्षा करते हुए प्रभारी अधिकारी श्री निशांत वरवड़े और श्री संजय गोयल से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के इटावा और आगरा से लोगों के आने जाने के कारण भिंड में पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या बढ़ी है, लेकिन संदिग्ध रोगियों के उपचार पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता के मान से विभिन्न छात्रावासों में क्वॉरेंटाइन के प्रबंध किए गए हैं। इस समय जिला अस्पताल में 67 रोगी भर्ती हैं। जिले में कुल 57 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। कुल 8 फीवर क्लीनिक कार्य कर रहे हैं। कोविड केयर सेंटर में 190 रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य हो रहा है, किल कोरोना अभियान में अच्छा कार्य चल रहा है। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित की जा चुकी है। धर्म स्थलों में भीड़ को देखते हुए धर्म प्रमुखों से चर्चा कर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है ताकि लोग सीमित समय और सीमित संख्या में धर्म स्थल तक जाएं। नागरिकों को मास्क और गमछे के प्रयोग की समझाइश भी निरंतर दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर जिले की समीक्षा के दौरान कहा कि अधिक संख्या में पॉजिटिव केस आने पर चुप नहीं बैठना है। प्रशासन सर्वश्रेष्ठ प्रयास करे। पूरी सावधानी रखी जाए कि वायरस कहीं स्प्रेड ना हो। कलेक्टर ग्वालियर ने बताया कि लोगों को समझाया गया है कि बिना आवश्यक कार्य के आना-जाना नहीं करें। बॉर्डर से आने वालों की निरंतर चेकिंग और स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। मलिन बस्तियों में सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा फर्स्ट कांटेक्ट की ट्रेसिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस समय ग्वालियर में रिकवरी रेट 66% से अधिक है। यहां टेस्टिंग सुविधा प्रति मिलियन 13 हजार 656 है जो प्रदेश में सर्वाधिक है। जिले में कुल 27 कंटेनमेंट क्षेत्र और जिले में 30 फीवर क्लीनिक का संचालन हो रहा है। उपलब्ध बेड क्षमता का 24% ही उपयोग हो रहा है। जिले में सार्थक एप के इस्तेमाल से रोग के नियंत्रण में काफी मदद मिली है। ग्वालियर में शनिवार और रविवार को बाजार पूरी तरह बंद रहने और अन्य दिवसों में दोपहर 2 बजे के बाद मार्केट और मॉल आदि बंद रखने की व्यवस्था भी की गई है।

ग्वालियर, भिण्ड और मुरैना में कोरोना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में बाजारों में भीड़ को देखते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में प्राप्त परामर्श के अनुसार मार्केट के समय में कटौती की जाए और जहां आवश्यक हो पूरे दिन के लिए भी मार्केट बंद रखे जाएं। भिंड में जरूरत के हिसाब से आइसोलेशन केंद्र बढ़ाए जाएं और बार्डर से आने वालों की जाँच भी की जाये।

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