-
दुनिया
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
कांग्रेस ने नारा दिया, लेकिन भाजपा सरकारों ने समझा गरीब-किसानों का दर्दः विष्णुदत्त शर्मा
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने देश से गरीबी हटाने का नारा दिया था, लेकिन वे कभी गरीबी हटा नहीं पाई। देश-प्रदेश से गरीबी हटाने का काम भाजपा की सरकारों ने किया है। चाहे देश हो या मध्यप्रदेश यहां पर गरीब, किसानों के लिए भाजपा की सरकार ने ही काम किया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने देश के गांवों को प्रधानमंत्री सड़क योजना दी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब को पक्का मकान दिया, उनको गैस की टंकी दी। उन्होंने किसानों को सम्मान निधि देकर उनका मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 वर्षों में मध्यप्रदेश को बंटाढार प्रदेश से विकास के पथ पर लाकर खड़ा किया।
ये बातें प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने मंगलवार को सांची विधानसभा के गैरतगंज, मुंगावली और अशोकनगर में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही।
भ्रष्टाचार तो कांग्रेस की रग-रग में है
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त दत्त शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रूपए गरीब के लिए भेजते हैं तो उन तक सिर्फ 15 पैसा ही पहुंचता है। 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। कांग्रेस की सरकारों ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उनकी तो रग-रग में ही भ्रष्टाचार है। प्रदेश में भी2003 से पहले मिस्टर बंटाढार की सरकार थी, जिन्होंने प्रदेश को पूरी तरह से कंगाली की राह पर लाकर खड़ा कर दिया था। न सड़कें थीं, न बिजली थीं, न पीने का पानी था, स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटीलेटर पर थीं, तो शिक्षा की स्थिति भी बदत्तर थी। यही था कांग्रेस की सरकार में मध्यप्रदेश का हाल, लेकिन वर्ष 2003 के बाद से मध्यप्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का नाम देश-दुनिया में गर्व के साथ लिया जाता है।
दलितों की विरोधी रही है कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में सबको सम्मान एवं समान नजर से देखा जाता है, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा से जातिगत आधार पर राजनीति की है। कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है, इसलिए आजादी के इतने वर्षों तक दलितों का उत्थान नहीं हुआ, उनका विकास नहीं हुआ। भाजपा की सरकार ने दलितों को उनके अधिकार दिलाने का काम किया है। श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ एक दलित मंत्री बहन इमरती देवी को अपशब्द कहते हैं। वे गरीब परिवार से राजनीति में आई और मेहनत से मंत्री पद तक पहुंची और ये कमलनाथ उनका अपमान कर रहे हैं। उनके एक पूर्व मंत्री पीसी शर्मा कह रहे हैं कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना का वध किया था तो कंस धरने पर बैठ गया था। ये है इनकी सोच और इनके विचार। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबका साथ-सबका विकास के आधार पर राजनीति की है, लेकिन कांग्रेस जातिगत आधार पर चुनाव लड़ती रही है और इस बार जनता कांग्रेस को इसका जबाव भी देगी।
कांग्रेस ने गरीबों का हक छीना है
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश के गरीब, किसानों एवं जरूरतमंदों का हक छीना है। भाजपा सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए कई महत्ती योजनाओं को शुरू किया था, लेकिन कांग्रेस की15 माह की सरकार ने उन योजनाओं को बंद करके गरीबों, किसानों का हक छीनने का काम किया है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रदेश को 2 लाख 45 हजार आवास दिए थे, लेकिन कमलनाथ की सरकार 25 प्रतिशत मैचिंग ग्रांट नहीं मिला सकी, इसलिए 2 लाख 45 हजार गरीबों के सर पर से छत चली गई। उनका पक्का मकान चला गया। प्रदेश में जब दिग्विजय सिंह की सरकार थी उस समय प्रदेश की कुल 7 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होती थी। ये किसानों को पानी भी नहीं दे पाए, लेकिन आज 40 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर सिंचाई होती है। किसानों को खेतों में बिजली नहीं मिलती थी, लेकिन अब उन्हें भरपूर बिजली मिल रही है।
गरीबों की नहीं, कलाकारों की चिंता की
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद ने कहा कि श्री कमलनाथ को प्रदेश के गरीबों की चिंता नहीं थी। उन्हें तो मुंबई के हीरो-हीराइनों की चिंता थी। गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को तो बंद कर दिया, लेकिन आईफा अवार्ड के लिए 700 करोड़ रूपए का बजट बनाया। किसानों की कर्जमाफी तो नहीं की, कोरोना वायरस की चिंता तो नहीं की, लेकिन आईफा अवार्ड की चिंता करते रहे और उसके लिए बैठकें करते रहें।
गरीबी का दर्द कमलनाथ क्या जानें
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ये कमलनाथ तो उद्योगपति हैं, सेठ हैं, वे क्या गरीबों का दर्द जानें। वे क्या किसी गरीब के बेटे को पढ़ाने का सुकून महसूस करेंगे। ये काम तो हमारे किसान के बेटे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ही कर सकते हैं, वे ही गरीबों का दर्द समझ सकते हैं, क्योंकि उन्होंने उस दौर को भी देखा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों के बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने की योजना शुरू की तो कमलनाथ की सरकार ने उसे ही बंद कर दिया। कमलनाथ तो कभी चाहते ही नहीं हैं कि किसी गरीब का कोई भला हो जाए। वे तो खुद ही उद्योगपति रहना चाहते हैं, बाकी सबको को अपने पैरों के नीचे ही रखना चाहते हैं।
ये रहे मौजूद
सांची, मुंगावली एवं अशोकनगर में आयोजित जनसभा के दौरान श्री रामपाल सिंह, विदिशा सांसद श्री रमाकांत भार्गव पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिलाध्यक्ष डॉ जयप्रकाश किरार, युवा नेता श्री मुदित शेजवार, पार्टी प्रत्याशी श्री राव विजेंद्र सिंह यादव, पार्टी प्रत्याशी श्री जजपाल सिंह जज्जी, सांसद श्री गणेश सिंह, विधानसभा प्रभारी एवं विधायक श्री शैलेंद्र जैन, सांसद श्री केपी यादव, प्रदेश महामंत्री श्री रणवीर सिंह रावत, प्रदेश मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जिला अध्यक्ष श्री उमेश रघुवंशी, विधानसभा प्रभारी श्री आलोक शर्मा, सहप्रभारी श्री श्यामसुंदर शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री उमेश रघुवंशी, विधायक श्री हरि शंकर सप्रे, श्री महेश राय, श्रीमती लीना जैन,विधायक श्री गिरीष गौतम, श्री शैलेंद्र रघुवंशी, श्री रवींद्र दुबे, श्री सुभाष जैन, श्री जयकुमार सिंघई, श्री लखीराम कोरी,श्री ओमप्रकाश चौधरी, श्री देवेंद्र रघवुंशी सहित पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।




Leave a Reply