एनसीआरबी की रिपोर्ट में बलात्कार और महिलाओं पर अपराध में मप्र फिर नंबर वन:कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने एनसीआरबी की रिपोर्ट के आंकड़ों को उधृत करते हुए सरकार से पूछा है बेटी बचाओ का नारा देने वाले बतायें कि पूरे देश के मुकाबले मप्र में बच्चियाँ और महिलायें इतनी असुरक्षित क्यों हैं? प्रदेश में अपराधियों की खैर नहीं का दावा करने वाले मुख्यमंत्री बतायें कि महिला अपराधों में रोकथाम तो दूर तेजी से बढोत्तरी क्यों हो रही है? मप्र पुलिस रिकाॅर्ड के आंकड़े यह भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं कि साल 2020 में प्रतिदिन 137 महिलाओं के साथ कोई ना कोई अपराध हुआ है, अलग-अलग संगेये अपराधों के 49,823 मामले दर्ज किए गए। कोविड के दौरान लाॅकडाउन में भी प्रदेश में महिला अपराधों में कमी नहीं आई।

तमाम थोथे दावों और प्रयासों की घोषणाओं के बावजूद भी यह कलंक मध्यप्रदेश के माथे पर स्थायी रूप से विधमान क्यों है? मप्र पुलिस द्वारा हर माह जारी होने वाली रिपोर्ट में कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं  जिसमें भाजपा शासन के पिछले 12 महीनों में चार हजार से ज्यादा दुष्कर्म और 6 हजार अपहरण के मामले सामने आये हैं। मप्र में औसतन 14 दुष्कर्म के मामले रोज घटित हो रहे है। मप्र अपराधों का गढ़ और अपराधियों का स्वर्ग बन गया है। सक्सेना ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है प्रदेश के गृहमंत्री को अपने सजने संवरने के अलावा अपराधियों पर ठोस कार्यवाही कर अंकुश लगाने से कोई वास्ता नहीं है ! रवि सक्सेना ने कहा प्रदेश की बच्चियाँ और मातृ शक्ति जानना चाहती है कि सुख और शांति के टापू मप्र में  आखिर बद से बदत्तर होती इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है? पुलिस प्रशासन या फिर प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था ? एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान भांजियों और बहनों को सुरक्षा के वायदे करते नहीं अघाते हैं किंतु स्थिति इसके सर्वथा विपरीत है ! मध्यप्रदेश में पिछले 2 महीने में दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की वारदातों में तेजी से वृद्धि हुयी है और पुलिस प्रशासन किंकर्तव्यविमूढ़ बना हुआ है। मध्यप्रदेश में पिछले 8 महीनों में महिला अपराध के हजारों मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें हत्या के 509 मामले, हत्या की कोशिश 207, मारपीट 9974, छेड़छाड़ 6479, अपहरण 5619, दुष्कर्म 3837, दहेज हत्या 519 और दहेज प्रताड़ना के 4604 मामले सामने आए हैं। यही नहीं महिला अपराध शाखा की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में 56 सौ बलात्कार के मामले सामने आए हैं। सीधी में विधवा महिला के साथ दुष्कर्म, उमरिया में नाबालिग लड़की के साथ 9 लोगों द्वारा दुष्कर्म जैसी भयावह मामले भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश की तत्कालीन शिवराज सरकार ने दिसंबर 2017 में कानून बनाया था कि 12 साल की लड़की या उससे कम उम्र की लड़की के साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर सजा-ए-मौत दी जाएगी। इन मामलों को लेकर सरकार प्रदेश की कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था को भी दोषी मानती है। बढ़ते हुए महिला अपराध के आंकड़ों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जहां ऐलान किया है कि हर सरकारी कार्यक्रम कन्या पाद पूजन के साथ शुरू होगा। वहीं गृह विभाग सम्मान कार्यक्रम चला रहा है। जिसमें महिलाओं के प्रति सम्मान के लिए समाज को प्रेरित किया जा रहा है। श्री सक्सेना ने कहा कि केंद्र की एजेंसी एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक़ जनवरी 2020 में 372, फरवरी में 365, मार्च में 358, अप्रैल में 206, मई में 357, जून में 434, जुलाई में 439, अगस्त में 382, सितंबर में 418, अक्टूबर में 486, नवंबर में 376 मामले और दिसंबर में 339 मामले दुष्कर्म के दर्ज किए गए हैं। यानि एक जनवरी 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक 4532 महिलाएं और बालिकाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई। वहीं जनवरी 2020 में 675, फरवरी में 773, मार्च में 645, अप्रैल में 207, मई में 381, जून में 624, जुलाई में 566, अगस्त में 569, सितंबर में 638, अक्टूबर में 601, नवंबर में 659 और दिसंबर में 611  महिलाओं के  अपरहण के मामले सामने आये।  दुष्कर्म के मामलों में देश में सजा की दर अब भी मात्र 27.2 प्रतिशत ही है। राष्ट्रीय अपराध रिकाॅर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक 2018 में दुष्कर्म के 1,56,327 मामलों में मुकदमे की सुनवाई हुई। इनमें से 17,313 मामलों में सुनवाई पूरी हुई और सिर्फ 4,708 मामलों में दोषियों को सजा हुई। आंकड़ों के मुताबिक 11,133 मामलों में आरोपी बरी किए गए जबकि 1,472 मामलों में आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया। खास बात यह है कि 2018 में दुष्कर्म के 1,38,642 मामले लंबित थे। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म के मामलों में सजा की दर 2018 में पिछले साल के मुकाबले घटी है। 2017 में सजा की दर 32.2 प्रतिशत थी। उस वर्ष दुष्कर्म के 18,099 मामलों में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और इनमें से 5,822 मामलों में दोषियों को सजा हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today