-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
एक शायर की चाह, जमीं से लेकर आसमान तक हो जिसकी शोहरत मैं वो हिंदुस्तान देखना चाहता हूं
मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा ज़िलेवार गतिविधि “सिलसिला” के अंतर्गत हरदा एवं बैतूल में “साहित्यिक गोष्ठी” आयोजित की गई। हरदा के एक शायर ने यह अपनी प्रस्तुति में यह चाहत रखी कि वह ऐसा हिंदुस्तान देखना चाहता है जिसकी जमीन से लेकर आसमान तक शोहरत हो।
देश की आजादी के 75 वर्ष के अवसर अमृत महोत्सव के अंतर्गत मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों पर नवोदित रचनाकारों के लिए सिलसिला कार्यक्रम के तहत तलाशे जौहर का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी का बाईसवां कार्यक्रम हरदा के टिमरनी में 14 अक्तूबर को “शेरी व अदबी नशिस्त” का आयोजन ज़िला समन्वयक मुकेश शांडिल्य के सहयोग से किया गया।
अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी के अनुसार उर्दू अकादमी द्वारा अपने ज़िला समन्वयकों के माध्यम से प्रदेश के सभी ज़िलों में आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत “सिलसिला” के अन्तर्गत व्याख्यान, विमर्श व काव्य गोष्ठियाँ आयोजित की जा रही हैं। ज़िला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाली गोष्ठियों में सम्बंधित ज़िलों के अन्तर्गत आने वाले गाँवों, तहसीलों, बस्तियों इत्यादि के ऐसे रचनाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है जिन्हें अभी तक अकादमी के कार्यक्रमों में प्रस्तुति का अवसर नहीं मिला है अथवा कम मिला है। इस सिलसिले के इक्कीस कार्यक्रम भोपाल, खण्डवा, विदिशा, धार, शाजापुर टीकमगढ़, सागर एवं सतना, रीवा, सतना सीधी, रायसेन, सिवनी, नरसिंहपुर नर्मदापुरम दमोह, शिवपुरी, ग्वालियर, बुरहानपुर, देवास, रतलाम, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं अशोक नगर में आयोजित हो चुके हैं और आज यह कार्यक्रम टिमरनी में आयोजित हुआ जिसमें हरदा एवं बैतूल ज़िले के रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत प्रस्तुत कीं।
हरदा ज़िले के समन्वयक मुकेश शांडिल्य ने बताया कि आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में 12 शायरों और साहित्यकारों ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद सीएमओ राहुल शर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में बतौर अतिथि नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज एवं विशेष अतिथि के रूप में राजा कौशल,विनीत गीते एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शालिग्राम चंदेल मंच पर उपस्थित रहे।
जिन शायरों ने अपना कलाम पेश किया उनके नाम और अशआर इस प्रकार हैं।
जमीं से लेकर आसमां तक हो जिसकी शोहरत
मैं वो हिंदुस्तान देखना चाहता हूं
श्याम शर्मा हरदा
तितलियाँ फूल ख़ुश्बु चमन की बात करते हैं..
आओ सब मिलकर वतन की बात करते हैं…
“शाहिद”टिमरनी
शजर इस राह का रोड़ा था लेकिन क्या बताता वो,
कि उसकी छाँव में बैठे थे कितने राहगीर आकर।
राजकुमार राज़ बैतूल
कोई दिखता नहीं आपको छोडकर,
दिल में बसता नहीं आपको छोडकर,
गीत, ग़ज़लें हैं लिखना बहाना फक़त,
कुछ भी लिखता नहीं आपको छोड़कर।
जयकृष्ण चांडक ‘जय’ हरदा
समंदर की तह में जाना ज़रा सीखलो मन्सूर
गौहर भले तलाश के फिर लाइये हुज़ूर
मन्सूर अली”मन्सूर” हरदा
हिंदू ईसाई सिख मुस्लिम पढ़ते है
गीता बाइबिल गुरुग्रंथ कुरान सब
शिवेश हरसूदी
बनी बेटी तो खुशियों का खजाना भर दिया तूने
बनी बहना तू जब घर की तमस को हर लिया तूने
मगर जब मां का तूने रूप धारण कर लिया जग में
जगत के सब उपादानों को बोना कर दिया तूने
मुकेश शांडिल्य टिमरनी
या ख़ुदा कर दे अता ये खुशनसीबी चाहिये
आज इस नाचीज़ शायर को कबीरी चाहिये।
सन्तोष जैन
तेरे जैसा नहीं है कोई भी चमन
मेरे प्यारे वतन मेरे प्यारे वतन
तेरी धरती पे गंगा भी जमुना भी है
तेरी धरती पे ऊंचा हिमाला भी है
आसमां भी करे तुझको झुक झुक नमन
मेरे प्यारे वातन मेरे प्यारे वतन
ज्योति जलज चारुआ
कोई पूछे बता दिल में तेरे के कौन रहता है
तो सीना ठोक कर कह दूं कि हिंदुस्तान रहता है।।
मनीष सोनकिया
कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, वार्ड 4 के पार्षद प्रीति बंसल एवं वार्ड 6 के पार्षद व विधायक प्रतिनिधि सुनील दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। शेरी नशिस्त का संचालन मनीष सोनकिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुकेश शांडिल्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।




Leave a Reply