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उमा भारती का 17 नवंबर से पारिवारिक बंधन से मुक्त होने का ऐलान, विद्यासागरजी ही गुरु
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ऐलान किया है कि 17 नवंबर 2022 से उनके परिवारजन और वे स्वयं सभी बंधन से मुक्त हो जाएंगी। अब उनके गुरु आचार्य विद्यासागरजी महाराज हैं। भारती ने कहा कि आचार्य विद्यासागरजी की आज्ञा से ही वे यह फैसला ले रही हैं।
उमा भारती ने ट्वीट कर अपने फैसले की जानकारी दी है। उन्होंने अपने 1977 में मां आनंदमयी द्वारा दी गई ब्रह्मचर्य दीक्षा से लेकर 1992 में अपने सन्यास के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि अब उनके गुरु आचार्य श्रीविद्यासागरजी महाराज हैं। उनकी आज्ञा से ही वे अब सभी पारिवारिक बंधन से मुक्त हो रही हैं। 30 साल पहले मार्गशीष माह की अष्टमी को सन्यास लिया था और इस बार मार्गशीष माह की अष्टमी 17 नवंबर को आ रही है तो इसी दिन उनके परिवार और स्वयं को बंधन मुक्त हो जाएंगे। भारती ने कहा कि श्रीविद्यासागरजी महाराज की आज्ञा से अब वे दीदी मां कहलाएंगी। उन्होंने कहा कि उनका परिवार व संसार काफी व्यापक हो चुका है।




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