-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
हिंसा की घटनाओं से निपटने के लिए संसद को नये कानून बनाने का निर्देश
उच्चतम न्यायालय ने भीड़ की हिंसा की घटनाओंसे निपटने के लिए संसद से नये कानून पर विचार करने को कहा है। प्रधान न्यायाधीश दीपकमिश्रा ने कहा कि भीड़ की भयानक गतिविधियोंको नया कायदा बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती और इनपर सख्ती से रोक लगाने की जरूरतहै। शीर्ष न्यायालय ने भीड़ की हिंसा और गौ रक्षा के नाम पर होने वाले अपराधों से निपटने के लिए रोकथाम, सुधारात्मक और दंडात्मक प्रावधान वाले दिशा-निर्देश भी जारीकिए हैं। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और डी वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि कानूनका शासन कायम रखना राज्य सरकारों का दायित्व है और राज्य ऐसे अपराधों की अनदेखीनहीं कर सकते। उच्चतम न्यायालय ने ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकने की मांग करने वाली याचिकापर ये दिशा-निर्देश जारी किए। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी और केंद्र तथाराज्य सरकारों से कहा गया है कि ऐसे अपराधों को रोकने के उसके दिशा-निर्देशों पर अमलकिया जाए।




Leave a Reply