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उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत से कहा है साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जमानत अर्जी पर विचार करे।
उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में निचली अदालत से कहा है कि वह साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित आरोपियों की जमानत अर्जी पर एक महीने के भीतर विचार करे। सर्वोच्च न्यायालय ने अदालत से कहा है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित और अन्य अभियुक्तों की जमानत अर्जी पर महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम-मकोका के प्रावधानों के तहत विचार नही करे, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया है कि पुणे के हथियार विशेषज्ञ राकेश दत्तात्रेय धावड़े के मामले में मकोका के प्रावधान लागू होंगे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है।नाशिक जिले के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 में हुए विस्फोट में छह लोग मारे गये थे।




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