बेंगलुरू में आयोजित देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) की राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश को तीसरा स्थान हासिल हुआहै। इसमें भाग लेकर लौटीं छात्रा साक्षी भयडिया और छात्र सौम्य राय ने अपने अनुभव राज्यपाल मंगुभाई पटेल के सामने साझा किए। छात्रा गीता बारेला ने लोकगीत संविधानौ में जो मोरो हक छे…. की प्रस्तुति दी।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के दल ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में शामिल होकर लौटे छात्र-छात्राओं को उपहार देकर सम्मानित भी किया। राज्यपाल ने कहा कि आज राज्य के विद्यार्थियों ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्हें बधाई देते हुए राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विद्यार्थी आगे भी इसी तरह और अच्छी उपलब्धियां हासिल करेंगे। विद्यार्थी पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दें। जनजातीय समाज को समाज में आगे आने के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए उन्होंने जीवन में ऊंचे लक्ष्य रखने और उसे पाने के लिए दृढ़ संकल्पित रहने की बात कही।
छात्र सौम्य राय और छात्रा साक्षी भयडिया ने इस प्रतियोगिता के अनुभव मंच से साझा किए। छात्रा गीता बारेला ने जनजातीय लोक गीत ‘संविधानौ में जो मोरो हक छे…’ की एकल गायन प्रस्तुति भी दी। राज्यपाल जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव बीएम जामोद और जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त संजीव सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया। जनजातीय कार्य विभाग के अपर आयुक्त केजी तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर संभागीय उपायुक्त सीमा सोनी भी उपस्थित रहीं।
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