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ईं टेंडर घोटाले की जांच करने वाले अफसरों पर दबाव बनाने एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाईः दिग्विजय
लोकसभा चुनाव के दौरान काले धन मामले में कमलनाथ के करीबी नौकरशाहों का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने सफाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कालेधन मामले में जिन पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए है, ये वे ही पुलिस अधिकारी है जिन्होंने ई-टेंडरिंग घोटाले को उजागर किया था। जिस अधिकारी ने यह घोटाला पकड़ा आज वह सीएम शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, विधायक व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के साथ आयोजित पत्रकार वार्ता में यह आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ ने प्राथमिकता के साथ ई टेंडरिंग पर काम करना शुरू किया। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अगर कमलनाथ की सरकार 5 साल तक रहती तो सभी मामले उजागर हो जाते। ई टेंडरिंग घोटाले से शिवराज सिंह चौहान सबसे अधिक परेशान थे। तभी शिवराज हर सभा मे यह बात कहने लगे थे कि अगर कमलनाथ की सरकार रही तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि नीरज वशिष्ठ पर एफआईआर दर्ज करने की जाए। सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अगर चुनाव आयोग इस प्रकार का आदेश देगा तो उसकी निष्पक्षता पर भी सवाल उठेगा। कांग्रेस किसी भी तरह की जांच से डरने वाली नहीं है। शिवराज सिंह चौहान जो चाहे वह जांच करा लें। कांग्रेस डरने वाली नहीं है।




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