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आशाओं एवं सहयोगियों की संयुक्त हडताल 21 वें दिन भी जारी
स्वास्थ्य के क्षेत्र में अति महत्वपूर्ण काम कर रही आशा एवं सहयोगियों के शोषण के खिलाफ,जीने लायक वेतन की मांग को लेकर आशा ऊषा आशा सहयोगी के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हडताल आज 21 वें दिन भी जारी रही। आज वैक्सीन महा अभियान के दिन आशा एवं सहयोगियों ने बडी संख्या में जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करते हुये कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम पर स्मरण पत्र सौंपे गये। स्मरण पत्र में वेतन वृद्धि सहित मांगो का निराकरण करते हुये प्रदेश में स्वास्थ्य अभियान में आये गतिरोध को खत्म करने के लिये पहल करने की अपील की। हडताल के सम्बन्ध में हडताल कर रही संगठनों ने कहा कि सरकार की खामोशी के चलते एक ओर सरकार के खिलाफ आशा एवं सहयोगियों में लगातार आक्रोश बढ रहा है वहीं हडताल का दायरा भी लगातार बढ रहा है।
मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे ज्ञापन -पूछा 2000 रुपये में कैसे घर चलायें
आज आशा ऊषा आशा सहयोगी एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीटू) की आशा एवं सहयोगियों ने वैक्सीन के लिये महा अभियान की शुरुआत कर सीहोर जिले के पिपलानी से लौट रहे मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान को रास्ते में रोक कर ज्ञापन सौप कर उनसे बात की एवं आंगनवाडी कर्मियों के बराबर वेतन की मांग की। इसी तरह अभियान में रायसेन में आये प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री प्रभुराम चौधरी को यूनियन की रायसेन जिला अध्यक्ष कृष्णा ठाकुर के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपे। मंदसौर में आशा ऊषा आशा सहयोगी यूनियन (सीटू) की 200 से अधिक आशा एवं सहयोगियों ने माधुरी जिला अध्यक्ष सोलंकी, सचिव भारती सोलंकी, हूरबानो, संगीता आदि के नेतृत्व में वित्तमंत्री जगदीश देवडा के घर पहुंच कर ज्ञापन सौंप कर उनसे बात की। इस दौरान यूनियन के नेताओं ने मुख्यमंत्री एवं मंत्रियो से कहा कि सरकार कोरोना महामारी सहित तमाम महत्वपूर्ण अभियानों को पूरा करने वाली आशाओं को केवल 2000 रुपये वेतन दे रही है, इसका भी आधा हिस्सा विभाग के अभियानों में खर्च हो जाता है जो इस भीषण महंगाई में आशायें कैसे परिवार चलायें? आशाओं ने मंत्री से कहा कि वे मुख्यमंत्री से चर्चा कर आशाओं को न्याय दिलाने के लिये तत्काल कदम उठाया जावे।
मुख्यमंत्री ने मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आशवासन दिया। श्री प्रभाुराम चौधरी ने भी समाधान हेतु पहल करने का आशवासन दिया, जबकि वित्तमंत्री जगदीश देवडा ने कहा कि हम जल्दी ही मंत्रिमंडल में चर्चा कर मांगों का निराकरण करते हुये गतिरोध को समाप्त करने हेतु कदम उठाया जावेगा।
वैक्सीनेशन पर नही गये आशा एवं सहयोगी-कहा वेतन बढाये बिना कोई काम नही
स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के दबाव तमाम प्रयासों के बावजूद अधिकांश जिलों में आशा एवं सहयोगियों ने सरकार के वैक्सीन की शुरुआत के लिये आयोजित महा अभियान में शामिल नही हुयी। आशा एवं सहयोगियों ने स्पष्ट कहा कि अभी तक सरकार के सभी अभियानों को जान को खतरे में डाल कर,तमाम हमले झेल कर भी अभियान चलाये है, लेकिन सरकार ने फिर भी हमारी एक नही सुनी, इसलिये हमें हडताल करनी पडी अब अब मांगों का निराकरण किये बिना हम काम पर नही लौटेगे। सरकार को पहले ही मालूम था कि 21 जून को अभियान की शुरुआत होना है, लेकिन सरकार मांगों का निराकरण कर स्थिति को सामान्य बनाने के लिये कोई प्रयास नही किया। इसलिये आशा एवं सहयोगियों की अनुपस्थिति के लिये सरकार की गैर जिम्मेदाराना रूख ही इसके लिये जिम्मेदर है।
अप्रशिक्षित लोगों के सहारे शुरुआत-लेकिन अभियान में होगी मुश्किल
प्रशासन ने आंगनवाडी कर्मियों, नगर पालिका कर्मचारियों का इस्तेमाल कर अभियान की शुरुआत तो की है लेकिन उन्हें तक नही किया गया, इसके लिये प्रशिक्षित थे और न यह उनका काम है। जबकि पूरे प्रदेश में आशा एवं सहयोगियों को इसके लिये प्रशिक्षण दिया था। पूरे वैक्सीन अभियान के लिये प्रशिक्षित आशा एवं सहयोगियों की भागीदारी के बिना अनुभवहीन कर्मियों की भागीदारी के साथ यह अभियान चलाना प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड है। लेकिन लम्बी अवधि तक चलाये जाने वाला इस अभियान को गांव एवं शहर में आशा एवं सहयोगियों के अलावा कोई नही चला पायेगा और न ही आमजनता अन्य लोगों पर भरोसा करेगी। इसलिये सरकार को तुरन्त मांगों का समाधान करना चाहिये।
संयुक्त मोर्चे की ओर से आशा ऊषा आशा सहयोगी एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीटू)के प्रदेश अध्यक्ष ए टी पदमनाभन एवं आशा, ऊषा, आशा सहयोगिनी संघ की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव ने मुख्यमंत्री से मांगों का निराकरण कर समाधान निकालने की अपील की है।




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