झाबुआ पुलिस अधीक्षक रहे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अरविंद तिवारी का निलंबन 120 दिन और बढ़ा दिया गया है. तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने पॉलिटेक्निक के छात्रों के साथ मोबाइल पर अशोभनीय और अभद्र व पद के दायित्व के प्रतिकूल व्यवहार किया गया था.
अरविंद तिवारी द्वारा झाबुआ पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना के दौरान पॉलिटेक्निक के छात्रों के साथ अशोभनीय और अभद्र व पद के दायित्व के प्रतिकूल व्यवहार किया गया था. छात्रों ने जब उनसे थाने पहुंचने के बाद पुलिस द्वारा मदद नहीं किए जाने पर मोबाइल से बात की तो उन्होंने उन्हें संरक्षण देने या सुनने की बजाए उन्हें अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल करते हुए थाने में बंद कराने की धमकी दी थी. तिवारी का यह वार्तालाप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उन्हें मुख्यमंत्री ने मॉर्निंग मीटिंग के दौरान तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए. इसके बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच की गई जिसमें उन पर लगे प्रथम दृष्टया आरोपों को सही पाया गया और उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया. गृह विभाग में उन्हें आरोप पत्र का जवाब देने के लिए जो समय सीमा दी थी वह 16 नवंबर को निकल गई है. विभाग द्वारा उनके निलंबन अवधि को इस कारण 120 दिन और बढ़ा दिया गया है.
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