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आईएएस अधिकारी थेटे ने रिटायरमेंट के दिन कहा गुलामी से मुक्त हुआ
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी रमेश थेटे ने रिटायरमेंट के अंतिम दिन 31 जुलाई को मीडिया को एक पत्र लिखकर उसे वायरल किया और कहा कि वे अाज गुलामी मुक्त महसूस कर रहे हैं। उन्हें अनुसूचित जाति का होने के कारण सेवा में काफी कष्ट झेलना पड़े हैं। उन्हें किसी जिले का कलेक्टर तक नहीं बनाया गया।
पूर्व लोकायुक्त पीपी नावलेकर पर थेटे ने जातीय आधार पर एफआईआर दर्ज कराने के गंभीर आरोप लगाए तो राज्य सरकार पर भी आरोप लगाया कि उन्हें अदालत के फैसले के बाद भी पदोन्नति नहीं दी गई। रिटायरमेंट के पहले प्रमुख सचिव बनाने का आग्रह किया था लेकिन वह भी लाभ नहीं दिया। थेेटे ने कहा कि जिस सरकार ने एसआर मोहंती को सशर्त पदोन्नति दी थी, उसी तरह उन्हें भी पदोन्नति दी जा सकती थी लेकिन उनके साथ भेदभाव किया गया।




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