मध्यप्रदेश में केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की एक टीम ने जुलाई-अगस्त में चार दिन बालाघाट-मंडला जिले में निरीक्षण किया जिसमें 31 गोदाम और एक राशन की दुकान से नमूने लिए थे। इनकी रिपोर्ट आने पर पता चला कि जो राशन वहां मिला था, वह घोड़े, बकरी और भेड़ के खाने लायक था। मानव जीवन के लिए वह अनाज नुकसान दायक था। इस पर जब कांग्रेस ने बवाल मचाया तो सरकार के कान खड़े हुए और तुरत फुरत गुणवत्ता नियंत्रकों के खिलाफ कार्रवाई कर दी।
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