भोपाल के रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर आज से अंतरराष्ट्रीय रामलीला उत्सव शुरू हुआ जिसमें श्रीअयोध्या की 300 साल पुरानी मंडली ने रामायण का मंचन किया। अवध आदर्श रामलीला मंडल अयोध्या के कलाकारों द्वारा शिव पार्वती संवाद में भगवान शिव संपूर्ण रामकथा माता पार्वती को सुनाते हैं और अगला प्रसंग विश्वमोविनी स्वयंवर दिखाया गया जो नारदजी के अहंकार को बताता है। भगवान द्वारा माया के माध्यम से नारदजी के अहंकार को दूर किया गया और फिर महाराज दशरथ के यहां चार पुत्रों का जन्म होता है। बाल्यकाल के बाद चारों राजकुमार द्वारा गुरू वशिष्ठ से शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करने शस्त्र विद्या सीखने का दृश्य रामलीला में दिखाया गया। रामलीला मंचन में ऋषि विश्वामित्र के आश्रम के आसपास असुरी वृत्तियों के प्रभाव को मारीच, सुबाहू तथा ताड़का वध के माध्यम से समाप्त करते हुए दिखाया गया।
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