बैतूल जिले की आठ नहर के पास मांडवी गांव में 100 घंटे से ज्यादा समय से बोरवेल में फंसा तन्मय आज जब निकला तो उसकी सांसें उखड़ चुकी थी. रेस्क्यू टीम पांचवें दिन उसके पास पहुंची लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. तन्मय की बोरवेल की गड्ढे में गिरने की घटना मध्यप्रदेश में कोई नई नहीं है मगर घटना होने पर रेस्क्यू पूरा होने तक ही ऐसी घटनाओं को लेकर प्रशासन शासन में चर्चा रहती है और इसके बाद मामला ठंडा पड़ जाता है. फिर जब कोई नई घटना होती है तो शासन प्रशासन इसी तरह चर्चाओं में मुद्दे को भूल जाता है. बैतूल के तन्मय की मौत के बाद शासन-प्रशासन बोरवेल के गड्ढे और खुले पड़े गड्ढों के जिम्मेदार लोगों पर कोई एक्शन लेगा यह जवाबदारी किसी ना किसी को तो देना ही होगी.
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