-
दुनिया
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
MP में जातिगत आधार पर मतदाताओं की गणना, जानिये किसने किया आदेश, किसकी सहमति
भारत निर्वाचन आयोग भले ही जातीय आधार पर मतदाताओं का पता नहीं लगा रही हो लेकिन मध्य प्रदेश में एक जिले में निर्वाचन के नाम पर किया जा रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी ने यह आदेश किया है जिसमें कलेक्टर की भी सहमति होने की संभावना है क्योंकि वे इस मामले में बात करने से बच रहे हैं। कहां का यह मामला है और कौन अधिकारी है, हम आपको बता रहे हैं।
छतरपुर जिले में चंदला विधानसभा क्षेत्र है जो जिले के लवकुशनगर विकासखंड में आता है। यहां पिछले महीने एसडीएम ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के हस्ताक्षर से निर्वाचन तत्काल के नाम पर एक आदेश निकाला था। छह बिंदू में एसडीएम ने बीएलओ को एक जानकारी जुटाकर देने के आदेश दिए हैं। इसमें मतदाता के नाम के साथ उसके पिता या पति का नाम, गांव का नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर औऱ जाति के कॉलम दिए गए थे। एसडीएम ने यह आदेश अपने क्षेत्र की विधानसभा सीट क्रमांक 49 चंदला के लिए दिया है।
मतदाताओं तक पहुंचा सर्वे फार्म तो बवाल
चंदला विधानसभा क्षेत्र में जब निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के आदेश पर एकत्रित की जा रही जानकारी का फार्म देखा तो बवाल मच गया। यह फार्म सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुआ है जिसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के मध्य प्रदेश में प्रतिनिधि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भी नहीं है। कलेक्टर संदीप जीआर से जब खबर सबकी ने बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही और एसडीएम से बात करने को कहा। जब उनसे निर्वाचन के इस गंभीर मुद्दे के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वे अभी मीटिंग में हैं।
निर्वाचन के नाम पर जातीय गणना में किसकी सहमति
उल्लेखनीय है कि एसडीएम ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नाम पर जातीय मतदाताओं की गणना के लिए एक फार्म बीएलओ को पिछले महीने की 19 तारीख को भेजा है। एक महीने तक जिले के आला अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी या इसमें उनकी सहमति है, यह बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। इस बारे में अब एसडीएम से जिले अधिकारियों ने कोई सवाल तक नहीं पूछा है।




Leave a Reply