केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समय अतिथि विद्वानों के आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि उनके नियमितीकरण की मांग को लेकर वे सड़क पर उतर आएंगे। उस समय विपक्ष में रहते हुए भाजपा के नेताओं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मंत्री गोपाल भार्गव व नरोत्तम मिश्रा ने भी उनके प्रति सहानुभूति दिखाई थी। लेकिन आज जब सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में पहुंच गए और केंद्रीय मंत्री बन गए व भाजपा प्रदेश में सरकार में लौट आई और अतिथि विद्वान आज तक वहीं के वहीं हैं। इन लोगों ने प्रेस कांफ्रेंस कर फिर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-












