जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी का यह निश्चय था कि धारा-370 हटाकर एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और मैं वहां बिना परमिट के जाउंगा। उन्होंने बिना परमिट के प्रवेश किया और वहीं जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में उनका स्वर्गवास हो गया। बलिदान की यह भावना भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में है और हम देश और समाज के लिए अपनी भूमिका निभाने का कार्य करते है। यह बात शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान को लेकर आयोजित नरेला विधानसभा के वर्ग को सम्बोधित करते हुए कही।
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