परिवेश पहले 100 – 50 वर्ष में बदलता था वह अब प्रतिदिन प्रतिफल बदलता जा रहा है हमारी संस्कृति में कहा जाता है कि जीवन नश्वर है, इस बात को व्यक्ति आज हर पल महसूस कर पा रहा है। इस बदलते परिवेश में लोगों का नजरिया भी उतनी ही तीव्र गति से बदल रहा है जितनी तीव्र गति से आज का समय और परिवेश बदल रहा है।
यह बात मामाजी माणिकचन्द्र वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह समिति के द्वारा “बदलता परिवेश और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर आयोजित ऑनलाइन परिचर्चा में केंद्रीय जनजाति विश्वविद्यालय विजयनगरम आंध्र प्रदेश के कुलपति प्रो. टीवी कट्टीमणि ने कही।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-









