Category Archives: मध्य प्रदेश

जंगल पर कब्जा कराने का मामलाः अतिक्रमण करने उकसाने पर माधुरी बेन का जिलाबदर नहीं रुकेगा

हाई कोर्ट जबलपुर ने आदिवासियों को वन भूमि पर अतिक्रमण के उकसाने के मामले में माधुरी बेन के खिलाफ जिला बदर के आदेश को यथावत रखा है। बुरहानपुर जिला प्रशासन ने वन विभाग के प्रस्ताव पर जिला बदर का आदेश पारित किया था। इस आदेश को माधुरी बेन हाईकोर्ट जबलपुर में चुनौती दी थी। शुक्रवार को उनकी याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज करते हुए कलेक्टर बुरहानपुर द्वारा की जा रही कार्रवाई को प्रदेश के हित में बताया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी की 13 साल की नौकरी, तीन करोड़ की संपत्ति

सागर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी के यहां आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने आज छापा मारा तो पता चला कि 13 साल की नौकरी में ही इस सरकारी अफसर ने तीन करोड़ रुपए संपत्ति कमा ली है। छापे की प्रारंभिक जानकारी में यह खुलासा हुआ है और एक या दो दिन में जप्त दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है। पढ़िये रिपोर्ट।

पेशाबाकांड के पीड़ित की CM से मुलाकात के बाद लखपति हुआ परिवार, पांच लाख नकद तो मकान बनाने डेढ़ लाख

मध्य प्रदेश के सीधी पेशाबकांड के पीड़ित का वीडियो वायरल होने के बाद उसके परिवार को सरकार ने लखपति बना दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पीड़ित की भोपाल में मुलाका के बाद चंद घंटे में उस परिवार को नकद राशि के साथ मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद स्वीकृत हो गई। देखिये रिपोर्ट।

दिग्विजय के आगे पचौरी फेल, भोपाल-इंदौर में बना लिए अपने जिला अध्यक्ष

विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच शह और मात का खेल थम नहीं रहा है। यहां के फैसले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हस्तक्षेप के बाद निपट पा रहे हैं। भोपाल, इंदौर और खंडवा जिलों के अध्यक्षों का फैसला आखिरकार एआईसीसी के हस्तक्षेप से आज हो गया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आगे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी फेल हो गए। पढ़िये रिपोर्ट।

सीमा का IFS बनने का सपना अब होगा पूरा, जांच प्रतिवेदन के नाम पर अटका था मामला

मध्य प्रदेश राज्य वन सेवा की महिला अधिकारी सीमा द्विवेदी के आईएफएस बनने का मार्ग अब साफ हो गया है। उनकी कानूनी लड़ाई का नतीजा रहा कि दो साल बाद उनके खिलाफ लगे तथाकथित आरोपों से उन्हें क्लीनचिट मिल गई। उनके प्रमोशन के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय व यूपीएससी को पत्र लिखकर बंद लिफाफे को खोला जाएगा।

पेशाबकांड में राजनीति चरम परः मुख्यमंत्री निवास में पीड़ित व्यक्ति विशेष मेहमान, चरण धोकर सम्मान

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कौल आदिवासी जाति के एक व्यक्ति पर भाजपा कार्यकर्ता प्रवेश शुक्ला द्वारा पेशाब किए जाने की घटना में अब राजनीति चरण पर पहुंचती नजर आ रही है। कांग्रेस जहां इसको लेकर सरकार को घेर रही है तो आज सरकार के मुखिया सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस में पीड़ित को बुलाकर जिस अंदाज में उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार कर खुद को दुखी बताया उससे भाजपा को काफी हद तक राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना है। पढ़िये रिपोर्ट।

पेशाब कांडः आरोपी का अतिक्रमण तोड़ा, कांग्रेस की सियासत जारी, राज्यपाल से मांगा समय

मध्य प्रदेश में सीधी के आदिवासी युवक पर भाजपा कार्यकर्ता के पेशाब करने के वीडियो के वायरल होने के बाद मचा बवाल थम नहीं रहा है। हालांकि भाजपा और शिवराज सरकार डेमेज कंट्रोल में लगे हैं जिसमें संगठन ने अलग से जांच कमेटी बना दी है तो सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित व्यक्ति के परिवार को भोपाल में मुलाकात के लिए बुलाया है। कांग्रेस भी इस पर सियासत से पीछे कदम नहीं हटा रही है और उसने राज्यपाल से दस आदिवासी विधायकों को समय देने के लिए पत्र लिख दिया है। देखिये पूरे मामले में रिपोर्ट।

पेशाबकांड के आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला की गिरफ्तारी…. रातों-रात एफआईआर व गिरफ्तारी

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक पर पेशाब करने के आरोपी प्रवेश शुक्ला का वीडियो वायरल होने के बाद चारों तरफ घटना की आलोचना होने के बाद रातों-रात एफआईआर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा इस मामले में डेमेज कंट्रोल में जुट गए हैं लेकिन कांग्रेस भी कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती और उसने सोशल मीडिया से लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर फिलहाल सरकार को घेर रखा है।

पड़ोसन पहलवान….भाजपा की कथित कार्यकर्ता ने पड़ोसन से पहलवानी दिखाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन लेडी बाउंसर के पहलवानी दिखाने के बाद भोपाल की पड़ोसन ने पहलवानी दिखाई। उज्जैन में पंडित प्रदीप मिश्रा की अप्रैल में कथा के दौरान लेडी बाउंसर-महिला के बीच लात-घूंसों व बाल खींचने वाली लड़ाई का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसी अंदाज का भोपाल का यह वीडियो वायरल हुआ है।

संविदा कर्मचारी: अब सेवाओं के‍ लिए प्रतिवर्ष नहीं होगी अनुबंध की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश के भव्य भवन का निर्माण हो रहा है और इसके नींव के पत्थर संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारी हैं। इन्होंने नियमित कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर और कहीं-कहीं उससे अधिक भी कार्य किया है। कई अवसरों पर इन्होंने जान की बाजी लगाकर अपना दायित्व निभाया और अद्भुत कार्य कर दिखाया। कोविड के दौर में भी संविदा कर्मचारियों ने नागरिकों की जिन्दगी बचाई, जिसे कभी मध्यप्रदेश भुला नहीं पाएगा। संविदा कर्मचारियों की क्षमताएं और कार्यकुशलता किसी से कम नहीं है। इनमें सेवा का भाव भी है। इस नाते संविदा कर्मचारियों के जीवन की अनिश्चितता को समाप्त करना आवश्यक है। संविदा कर्मचारियों को लोगों की बेहतर सेवा का संकल्प लेकर कार्य करना है। यदि आज मध्यप्रदेश नंबर-1 है क्योंकि विभागों में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों ने आगे बढ़कर कार्य किया है। ये मध्यप्रदेश के लिए दाएं-बाएं हाथ और दिल की तरह हैं।

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