जंगल महकमें के वन मंडलों में पदस्थ डीएफओ की लापरवाहीपूर्ण कार्यशैली के कारण बैतूल, हरदा और सीहोर वन मंडल के मालिक-मकबूजा में करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता की संभावना है। अकेले सीहोर वन मंडल में ही विभागीय राजस्व लेखों के मिलान पर वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12 करोड़ 27 लाख 99 हजार 81 रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। सीहोर वन मंडल में इस गड़बड़ी का सिलसिला अक्टूबर 2017 से शुरू हुआ था। इस गड़बड़ी के पकड़ में आने के बाद अब यहां पदस्थ रहे कई डीएफओ रैंक के आईएफएस अफसर जांच के घेरे में आएंगे। पीसीसीएफ मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सीहोर के अलावा बैतूल और हरदा वन मंडल में भी मलिक मकबूजा लेखों में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है। पढ़िये रिपोर्ट।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-












