Category Archives: धर्म व संस्कृति

Indian Society for Buddhist Studies का रजत जयंती सम्मेलन Sanchi में Sunday से

साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में 23 नवंबर रविवार से तीन दिवसीय इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज का रजत जयंती सम्मेलन आरंभ हो रहा है। सम्मेलन में वियतनाम, म्यांमार और श्रीलंका के अलावा देश-विदेश के 150 से अधिक प्रतिष्ठित बौद्ध विद्वान पहुंचे हैं जो बौद्ध दर्शन, संस्कृति और इतिहास पर अपने विचार साझा करेंगे।

Bhopal में नहीं रुक रहा लव जिहाद, कॉलेज Students के बाद अब Model शिकार, जान गंवाई

मध्य प्रदेश में लव जिहाद के मामले थम नहीं रहे हैं, खासकर भोपाल में एक मामला शांत नहीं होता और दूसरा सामने आ जाता है। अभी शारिक मछली और उसके साथियों के लव जिहाद का मामला थम ही नहीं था कि एक मॉडल की मौत के पीछे लव जिहाद ही सामने आ रहा है। युवती के अभिभावकों ने कुछ इसी तरह के आरोप कासिम नाम के युवक पर लगाए हैं। पढ़िये रिपोर्ट।

आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच ने राजस्थान में हिरासत में मौत पर BJP को घेरा, आदिवासी अत्याचार में 29 % वृद्धि

आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कलारिया गाँव के 22 वर्षीय आदिवासी युवक दिलीप अहारी की पुलिस हिरासत में मौत को लेकर भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को घेरा है। मंच का दावा है कि देश में 2022-23 में आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में 29 फीसदी की वृद्धि हुई है जिसमें भाजपा शासित राज्य राजस्थान और मध्य प्रदेश में स्थिति चिंताजनक है।

शताब्दी वर्ष पर बस्ती-बस्ती में स्वयंसेवकों ने निकाले पथ संचलन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विजयादशमी के पावन पर्व पर गुरुवार को भोपाल महानगर के 12 विभिन्न नगरों, खंडों और बस्तियों में पथ संचलन निकाले गए। संघ के स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में इनमें सहभागिता की। विद्युत जिले के अवधनगर स्थित अविनाथ नगर बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यशपाल सिंह और मुख्य वक्ता प्रान्त प्रचारक विमल जी गुप्ता शामिल हुए। श्री गुप्ता ने संघ के मूल विचार, उद्देश्य और समाज सेवा की दिशा में उसके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का जन्म किसी के विरोध में नहीं, बल्कि राष्ट्र को स्वतंत्र कराने और उस स्वतंत्रता को स्थायित्व और चरित्र देने के उद्देश्य से हुआ। संघ के संस्थापक जन्मजात राष्ट्रभक्त थे, जिनका एकमात्र लक्ष्य भारत माता को परम वैभव के शिखर पर ले जाना था।

सांची विश्वविद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता

साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय 29 सितंबर को सलामतपुर-सांची स्थित परिसर में राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। इस चित्रकारी प्रतियोगिता में 500 से अधिक प्रतिभागियों के सम्मिलित होने की उम्मीद है और इसमें ऑनलाइन भी सम्मिलित हुआ जा सकता है। जिसके लिए प्रतिभागी को दिए जा रहे क्यूआर कोड अथवा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी कलाकृति जमा करनी होगी।

श्री उमा माता की सवारी निकाली गई राजसी ठाठ-बाट से

श्री महाकालेश्वर मंदिर में 17 सितम्बर से 21 सितम्बर तक आयोजित उमा सांझी महोत्सव के उपरांत परम्परानुसार अश्विन शुक्ल द्वितीया चन्द्र दर्शन के दिन आज सायं 4 बजे भगवान श्री महाकालेश्वर की भाँति वर्ष में एक बार निकलने वाली श्री उमा माता की सवारी राजसी ठाठ-बाट से निकाली गई।

उज़्बेकिस्तान में कोकन अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव में बाग प्रिंट कला का लहराया

भारत की अनमोल धरोहर और मध्य प्रदेश के धार जिले की शान बाग प्रिंट ने एक बार फिर
वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। उज़्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर कोकन में 19 से
21 सितंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव 2025 में बाग प्रिंट के युवा
शिल्पकार मोहम्मद खत्री ने अपनी अद्भुत कारीगरी से सबका मन मोह लिया। इस महोत्सव
में 70 देशों के 278 मास्टर कारीगरों ने भाग लिया, वहीं भारत से केवल 2 शिल्पकार आमंत्रित
हुए।

UNO के आह्वान पर JAYS ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस, जल, जंगल और जमीन के प्रति जागरूक हुए आदिवासी

संयुक्त राष्ट्र संघ के आव्हान पर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) ने “विश्व आदिवासी दिवस” मनाया। यह आयोजन नौ अगस्त को हुआ जिसमें हजारों लोग कुक्षी पहुंचे और बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर रैली निकाली गई। पढ़िये रिपोर्ट।

Nag Panchami पर Ujjain के महाकालेश्वर मंदिर में Nagchandreshwar temple के साढ़े आठ लाख से ज्यादा devotees ने किए दर्शन

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर के परिसर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर जी के दर्शन के लिए नागपंचमी पर श्रद्धालुजनों की भीड़ उमड़ी और मध्य रात तक 24 घंटे के दौरान साढ़े आठ लाख से ज्यादा भक्तों ने नाग देवता के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने रजत धातु के नाग देवताओं को भेंट किया। पढ़िये रिपोर्ट।

महाकालेश्वर गर्भगृह के ऊपर भगवान नागचंद्रेश्वर के द्वार नागपंचमी पर खुले, मध्य रात को पट खोलकर पूजा

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह के ऊपर औंकारेश्वर मंदिर और उनके भी ऊपर भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर है जिसके द्वार साल में एक ही बार खुलते हैं। वह दिन नागपंचमी है और सोमवार-मंगलवार की मध्य रात को मंदिर के पट खुले तो उनका मंदिर के महंत व कई प्रमुख लोगों ने पूजा अर्चना की। पढ़िये रिपोर्ट।

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