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Category Archives: देश
श्रमिकों की वापसी के लिए 31 रेलगाड़ियों की मांग
कोरोना संक्रमण के कारण अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों की वापसी का क्रम लगातार जारी है। अब तक 59000 श्रमिक प्रदेश में वापस लाए जा चुके हैं। विभिन्न प्रदेशों में फँसे श्रमिकों को वापस लाने के लिए रेल मंत्रालय से 31 ट्रेनों की मांग की गई है।
कोरोना संकट में बैंकों ने भी सामाजिक जिम्मेदारियाँ निभाई
प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान बैंक भी अपने कर्त्तव्यों के साथ सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। बैंकों द्वारा प्रदेश की जनता, व्यापारियों एवं आम नागरिकों को सेवाएँ दी जा रही हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 7,806 बैंक शाखाओं, 9,345 ए.टी.एम., 10 हजार से भी अधिक बी.सी. एजेंट्स, 8,500 ग्रामीण सब-पोस्ट ऑफिस/पोस्ट ऑफिस, 10 हजार ग्रामीण डाक सेवक द्वारा बैंक शाखा स्तर पर ए.टी.एम., बी.सी. पाइंट के साथ घर पहुँच सेवाएँ भी प्रदान की जा रही हैं। इस प्रकार, लगभग 48 हजार से भी अधिक पाइंट से खाताधारकों को राशि आहरण की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
पार्टी छोड़ने वाले असंतुष्ट नहीं थे, प्रलोभन में गए, सबके कामों की सूची हैः कमल नाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि उन्हें राजनीतिक का लंबा अनुभव है लेकिन सौदे और महत्वकांक्षा की राजनीति का नहीं था। इस कारण विधायकों पर भरोसा कर लिया और सरकार गिर गई। पार्टी छोड़कर जाने वाले असंतुष्ट नहीं थे, प्रलोभन में गए क्योंकि सबके काम होते थे। एक-एक विधायक की सूची है, किसने कितने काम कराए।
मप्र में बारिश के आसार, गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना
प्रदेश में मई की गरमी के तीखे तेवर के साथ अब बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानियों ने गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की भविष्यवाणी की है। शनिवार को दिन तापमान 42.3 डिग्री के आसपास होने से गरमी से लोग बेहाल नजर आए। वहीं, मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी के अनुकूल रविवार की रात को ही ग्वालियर क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हो गई।
भोपाल में आज कोरोना संक्रमण से 38 स्वस्थ हुए
चिरायु अस्पताल से कल के 26 जिन्हें आज सुबह और शाम को 28 व्यक्ति इसके साथ ही एम्स से 10 व्यक्ति कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो घर को रवाना हुए है। अब तक भोपाल में 288 कोरोना संक्रमित पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके है।
प्रदेश में वापस लाये गये 50 हजार श्रमिक
कोरोना संक्रमण के कारण अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के लगभग 50 हजार श्रमिक आज तक प्रदेश वापस लाए जा चुके हैं। इसी तरह, प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे करीब 38 हजार श्रमिकों को पिछले 8 दिनों में उनके गृह स्थान पर पहुँचाया जा चुका है। आज नासिक से ट्रेन से 347 लोग भोपाल लाये गये।
सरकार की प्राथमिकता रही किसानों और गरीबों की मदद
प्रदेश में किसानों, श्रमिकों, बेसहारा लोगों, गरीबों बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करना सदैव मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता में रहा है। कोरोना महामारी से लड़ते हुए भी श्री चौहान अपनी यह प्राथमिकता नहीं भूले। पिछले लगभग डेढ़ माह में राज्य सरकार द्वारा 6526 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के इन सभी जरूरतमंदों के खातों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पहुँचाई गई है। मुख्यमंत्री ने इन सभी जरूरतमंदों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछले एक साल से प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, राज्य का खजाना खाली है, जैसी कही जाने वाली बातों को निर्मूल साबित कर दिया है। साथ ही, यह भी प्रमाणित कर दिया है कि किसान और गरीब सरकार की पहली प्राथमिकता हैं और उनकी मदद से कोई बाधा उन्हें रोक नही सकती।
दिग्विजय को सहने, सिंधिया को अपमानित करने की मजबूरी स्पष्ट करें नाथ: शर्मा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से प्रश्न किया है कि ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि वे सरकार बनने के पहले दिन से दिग्विजय सिंह को बर्दाश्त करते रहे और अंततः सरकार गिराने का खामियाजा भुगतना पड़ा। आपने दिग्विजयसिंह के दबाव में लगातार अपने ही विधायकों और मंत्रियों का अपमान क्यों किया? आपने क्यों दिग्विजयसिंह के बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों की राजनीति का गला घोंटा?यह जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए।



