मध्य प्रदेश में मुख्य तकनीकी परीक्षक का सरकारी दफ्तर देखते ही देखते कैसे सेमी गवर्नमेंट हो गया। रिटायरमेंट के बाद इंजीनियरों के पुनर्वास का ठिकाना बनते-बनते यह रिटायर होने वाले आईएएस अफसरों के लिए एक नया ठिया मिल गया है। जबकि एक रिटायर इंजीनियर ने वल्लभ भवन के आला अधिकारियों के साथ बैठकर अपने अपने जैसे रिटायर इंजीनियरों के लिए यह सपना देखा और वह हकीकत में बदलते-बदलते इंजीनियर पर्दे से बाहर हो गए। पढ़िये कार्य गुणवत्ता परिषद विचार से लेकर गठन की पर्दे के पीछे की वल्लभ भवन के गलियारों के भीतर चल रही कहानी जिसमें मुख्य तकनीकी परीक्षक के इंजीनियर प्रमुख संस्था की विशेषज्ञता को दरकिनार कर दिया गया है।
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