Category Archives: देश

चार साल में 40 बाघों की मौत के बाद भी न डिगे न हिम्मत हारी, रचा इतिहास

मध्य प्रदेश के वन विभाग ने बाघों की मौतों की वजह से जितनी आलोचना झेली, उससे कदम डगमगा सकते थे लेकिन हिम्मत के साथ वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने वन्यप्राणी संरक्षण की दिशा में काम किया। जंगलों पर आश्रित लोगों व आसपास के रहवासी इलाकों में भी वन्यप्राणी के प्रति संवेदनशीलता का माहौल बना और इन सब प्रयासों से मध्य प्रदेश एकबार फिर टाइगर स्टेट बन गया। टाइगर स्टेट वाले पहले व दूसरे स्थान के बीच काफी अंतर के साथ एमपी नंबर वन पर कायम है। पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार गणेश पांडेय की विशेष रिपोर्ट।

अमित शाह रविवार को फिर MP में, BJP नेताओं के बाद बूथ कार्यकर्ताओं की बारी

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति अब केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में पहुंचती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एकबार फिर रविवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं और नेताओं के साथ चुनाव प्रबंधन की बैठकों के बाद अब वे बूथ कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेंगे। पढ़िये रिपोर्ट।

मध्य प्रदेश फिर टाइगर स्टेट बना, अब 785 टाइगर प्रदेश के जंगलों में मौजूद

मध्य प्रदेश को एकबार फिर टाइगर स्टेट होने का दर्जा मिल गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह दर्जा मिलने के बाद खुशी जाहिर करते हुए इसके लिए वन विभाग और प्रदेश के लोगों के वन्यप्राणी संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों की सराहना की। पढृिए रिपोर्ट।

आशा-उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय 6000 और आशा पर्यवेक्षकों का 13500 होगा, हर साल स्वतः 1000 बढ़ेंगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आशा-उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय 6000 रुपए और आशा पर्यवेक्षकों का मानदेय 13500 रुपए करने का ऐलान किया। आशा उषा कार्यकर्ताओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ दिए जाने की भी घोषणा की। पढ़िये रिपोर्ट।

BJP राष्ट्रीय टीम में MP से नया चेहरा नहीं, सौदान सिंह, विजयवर्गीय-ओमप्रकाश धुर्वे को फिर जिम्मेदारी

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज अपनी टीम का ऐलान किया है जिसमें मध्य प्रदेश पुराने तीनों चेहरों को फिर से दोहराया है। सौदान सिंह, कैलाश विजयवर्गीय और ओमप्रकाश धुर्वे को नड्डा ने अपनी टीम में शामिल किया है। पढ़िये रिपोर्ट।

पुलिस सर्विस में 70 सजाएं, फिर भी डेढ़ साल SPEAKAR की सुरक्षा में तैनाती, क्या हादसे का था इंतजार ?

मध्य प्रदेश पुलिस में अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बागी हुए सब इंस्पेक्टर द्वारा गोली मार दिए जाने की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी सामने आया है कि घटना के बाद बर्खास्त सब इंस्पेक्टर ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की सुरक्षा में भी डेढ़ साल ड्यूटी की थी, यानी ऐसे खराब सर्विस रिकॉर्ड के एसआई की वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी में चयन की जिम्मेदारी उठाने वाले अफसर भी लापरवाही से काम करते हैं। पढ़िये इस पर यह रिपोर्ट।

‘पुलिस में 30 % महिला भर्ती का विरोध किया गया था, आज वे पुरुषों से ज्यादा अच्छा काम कर रहीं’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पुलिस में 30 फीसदी महिलाओं की भर्ती के पहली बार सीएम कार्यकाल में जब फैसला लिया था तो अधिकारियों ने ही इसका विरोध किया था। कहा गया था कि पुलिस फोर्स का काम अलग है, काम प्रभावित होगा। मगर आज यह देखा जा सकता है कि महिला जवान पुरुष पुलिस जवानों से अच्छा काम कर रही हैं। पढ़िये रिपोर्ट कहां सीएम ने यह कहा।

IFS के 11 अधिकारियों के तबादले, गनावा खंडवा और सहाय शिवपुरी CF बने

मध्य प्रदेश में 11 आईएफएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं जिनकी काफी समय से प्रतीक्षा की जा रही थी। छतरपुर के वन संरक्षक के खाली पद को भर दिया गया है तो खंडवा सर्किल में गनावा और शिवपुरी सर्किल में सहाय को पोस्टिंग दी गई है। अभी करीब आधा दर्जन और आईएफएस अधिकारियों का एक अन्य प्रस्ताव मंत्रालय की फाइलों में अधिकारियों की टेबल पर लंबित है। पढ़िये रिपोर्ट।

सीधी पेशाबकांड-इंदौर पिटाईकांड के बाद सतना में आदिवासी बालिका से गैंगरेप, आरोपियों में से एक मैहर मंदिर कर्मचारी

मध्य प्रदेश में आदिवासियों के साथ एक और वीभत्स घटना सामने आई। सीधी पेशाबकांड व इंदौर पिटाईकांड के बाद अब सतना में बालिका से गैंगरेप किया गया। आरोपियों ने बच्ची के नाजुक अंग में लकड़ी डाल दी जिससे वह खून से लथपथ होकर घर पहुंची। आरोपियों में से एक मैहर मंदिर का कर्मचारी भी है जिसे तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। पढ़िये रिपोर्ट।

जंगल कटाई का मूल्य रूपए में आंक रहे DFO, डिंडौरी में अवैध कटाई के दोषी कर्मचारियों को रिकवरी की सजा

मध्य प्रदेश के डिंडौरी के जंगलों में इन दिनों अवैध कटाई का सिलसिला जारी है लेकिन जंगल में जिनकी अवैध कटाई रोकने की जिम्मेदारी है उन पर डीएफओ द्वारा केवल रिकवरी की सजा देकर छोड़ने का रवैया अपनाया गया है। यानी जंगल काटने के दोषियों पर प्रशासनिक सख्ती की जगह केवल रिकवरी करके अवैध कटाई करने वालों को खुली छूट दी जा रही है। पढ़िये गणेश पांडेय की रिपोर्ट।

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