Category Archives: आपकी आवाज, हमारी कलम

जंगल में मंगलः मंत्रियों-MLA’s की लंबी सूची में फंसी पोस्टिंग, दर्जनभर DFO, सीसीएफ, APCCF पद खाली

मध्य प्रदेश के जंगल महकमे में शिवराज सरकार के कई मंत्रियों-विधायकों की खास रुचि के कारण आईएफएस की पोस्टिंग के लिए इतनी लंबी सूची हो गई है कि वन मंत्री विजय शाह अपने चहेतों को एडजस्ट नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में करीब आठ महीने से प्रदेश में दर्जनभर डीएफओ, सीसीएफ और एपीसीसीएफ के पद खाली पड़े हैं। कुछ तबादलों की सीएम सेक्रेटरीयट तक शिकायतें भी हो चुकी हैं और कई लंबित प्रस्तावों को लेकर वहां की नाराजगी भी बताई जा रही है।

भाजपा का चुनाव मोडः नागपुर से लौटकर CM की अब 19 को मंत्रियों की क्लास

विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और इसके पहले भाजपा अपनी सरकार के काम की समीक्षा करते हुए कुछ खट्ठे-मीठे फैसले लेने के मूड में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आज सुबह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर हेडक्वार्टर यात्रा पर थे और इसके बाद 19 फरवरी को सभी मंत्रियों को भोपाल तलब किया गया है। काफी समय से असंतुष्ट व सीनियर नेताओं की भावनाओं के मुताबिक फैसले की प्रतीक्षा हो रही है और लगता है वह समय आ चुका है। विशेष रिपोर्ट।

फॉरेस्ट में चेहरा देखकर एक्शन, प्रमोटी IFS को निलंबन तो सीधी भर्ती पर बस शो-कॉज नोटिस

मध्य प्रदेश के वन विभाग में आईएफएस अधिकारियों के चेहरे देखकर एक्शन लिए जाते हैं जिसके विभाग में कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। सीधी भर्ती के अफसरों को जिस मामले में शो-कॉज नोटिस देकर किसी अनुशासनहीनता या गड़बड़ी से बरी कर दिया जाता है तो उसी तरह के कृत्य पर प्रमोटी अधिकारियों को न केवल निलंबित करने के उदाहरण हैं बल्कि उन अफसरों के जवाब के बाद भी विभाग निर्णय लेने में टालमटोल रवैया अपनाता है। इसके कारण उनमें इंफेरिआरिटी कॉम्प्लेक्स की भावना के बीज अंकुरित होने लगे है। हमारी रिपोर्ट में विभाग की सीधी भर्ती के आईएफएस व प्रमोटी अधिकारियों के साथ किए गए भेदभावपूर्ण व्यवहार के कुछ मामलों को रखा जा रहा है।

कांग्रेस अधिवेशनः 112 नेताओं की कमेटियां, KN-DVS बाहर, तन्खा-यादव-मीनाक्षी-सेम-राजमणि शामिल

कांग्रेस का 24 से 26 फरवरी तक रायपुर में पूर्ण अधिवेशन होने जा रहा है जिसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 112 नेताओं की सात कमेटियां बनाई हैं। मध्य प्रदेश के बड़े नाम समितियों से गायब हैं। इनके स्थान पर शामिल पांच नेताओं में कुछ नाम चौंकाने वाले हैं जिन्हें जिन कमेटियों में लिया गया है, उनके बारे में उनकी महारथ नहीं मानी जा सकती। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बयान देकर कंट्रोवर्सी पैदा करने वाले नेता अरुण यादव को भी एक कमेटी में लिया गया है। रिपोर्ट में आपको बता रहे हैं मध्य प्रदेश के किन नेताओं को शामिल किया गया और किन नेताओं को नजरअंदाज किया गया।

कांग्रेस में CM चेहरा कंट्रोवर्सीः कमलनाथ की अरुण यादव से नाराजगी की यह भी वजह

मध्य प्रदेश में कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरा को लेकर कुछ नेताओं की बयानबाजी से शुरू हुई कंट्रोवर्सी में फंसे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव से कमलनाथ की नाराजगी की और भी कुछ वजह हैं। कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल में कुछ जिम्मेदारियों से यादव ने बचने की कोशिश की है। यह फैसले हाईकमान की जानकारी में भी रहे है। इसी पर आधारित है आज की यह रिपोर्ट।

कमलनाथ CM चेहरे की कंट्रोवर्सी पर बोले चुनाव लड़ूंगा नहीं, लड़वाऊंगा

कांग्रेस में चल रही विधानसभा चुनाव में चेहरे की कंट्रोवर्सी पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब बोला कि वे चुनाव लड़ेंगे नहीं लड़वाएंगे। चुनाव लड़ने से वे प्रदेश की दूसरी सीटों पर पूरा समय नहीं दे पाएंगे। चुनाव में सर्वे एक दिशा देते हैं लेकिन टिकट का फैसला पार्टी मिलकर तय करती है। वहीं, बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात मौजूदा विवादों के पहले का वादा तो अब पन्ना दौरे में उसे पूरा करने जा रहे हैं। पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कैलासिया की रिपोर्ट।

बीजेपी की उम्मीदों पर अरुण यादव को खरा उतरने वाला नेता बता रहे कांग्रेसी, कौन हैं ये

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन कांग्रेस में अभी भी अंदरुनी खींचतान मची है। मुख्यमंत्री चेहरा और इसके बाद निमाड़ के खंडवा के जिला अध्यक्षों के फैसले को होल्ड पर डाले जाने को लेकर अरुण यादव अपने विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। यादव के इन विरोधियों बुधवार को सोशल मीडिया पर उन्हें बीजेपी की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले नेता बता दिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करने वाले कौन नेता हैं, पढ़िये हमारी रिपोर्ट।

चीतों का पालन-पोषण कर रहे MP की फिर अनदेखी, 18 फरवरी को दूसरी बार भी लेने गए DG फॉरेस्ट के रिश्तेदार

नामीबिया के बाद अब 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते भारत लाए जा रहे हैं। लुप्त होने के बाद 2022 में भारत में मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पुनर्वासित किए जा रहे चीतों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है लेकिन उन्हें नामीबिया या दक्षिण अफ्रीका से लाने के लिए वन महानिदेशक के रिश्तेदार को चुना गया। ये रिश्तेदार वन विभाग से नहीं हैं बल्कि वे कस्टम ऑफिसर हैं।

जुलानिया को जातिवादी बताने, IAS कंसोटिया के आंदोलन की खिलाफत करने वाले थेटे पर फिर FIR

22 साल पहले जबलपुर नगर निगम में आयुक्त व संचालक रोजगार की पोस्टिंग के बैंकों से ऋण लिया था। उसी दौरान लोकायुक्त केसों में फंसने वाले रमेश थेटे व उनकी पत्नी पर रिटायरमेंट के बाद फिर एक एफआईआर दर्ज हुई है। यह वही थेटे हैं जिन्होंने आईएएस राधेश्याम जुलानिया को जातिवादी तो आईएएस जेएन कंसोटिया के आरक्षण बचाओ आंदोलन की रिजर्व केटेगरी के होने के बाद भी खिलाफत की थी। आपको बता रहे हैं सर्विस के दौरान और रिटायरमेंट के बाद थेटे कैसे चर्चा में रहे।

CM शिवराज के साले मसानी ने उदयपुरा में दिया धाकड़ समाज का परिचय, कांग्रेसजनों की धड़कनें बढ़ीं

चुनाव मैदान में उतरने के लिए नेता अपने-अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। भोपाल से सटे रायसेन जिले की उदयपुरा विधानसभा सीट में भी संजय सिंह मसानी की सक्रियता बढ़ी है जो वहां अपने आपको धाकड़ समाज का बताकर सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। मसानी की वजह से उदयपुरा के स्थानीय कांग्रेस नेताओं की धड़कनें इन दिनों बढ़ गई हैं। मसानी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले हैं जो पिछले विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

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